Shani Vakri 2022 Date: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन,उदय,अस्त,मार्गी और वक्री होना बहुत ही मायने रखता है। क्योंकि ज्योतिष में ग्रहों की चाल में बदलाव से जातकों के जीवन पर व्यापक असर पड़ता है। सभी नौ ग्रहों में अलग-अलग अंतराल पर राशि परिवर्तन करते हैं। इसी सब में शनि ग्रह का ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह कर्मफलदाता हैं। यदि किसी साधक के कर्म अच्छे हुए तो शनि देव उन्हें शुभ फल देते हैं और यदि जातक के कर्म अच्छे नहीं है तो उसका अशुभ फल मिलता है। 5 जून को शनि कुंभ राशि में परिवर्तन से पहले वक्री होने जा रहे हैं। जो 23 अक्तूबर तक इसी वक्री अवस्था में ही गोचर करेंगे। शनि की इस वक्री चाल का सभी राशियों पर इस विशेष प्रभाव पड़ेगा। किसी के लिए शनि की ये चाल शुभ फलदायी साबित होगी तो किसी के लिए अशुभ होने के आसार दिखाई दे रहे हैं। शनि की उल्टी चाल से चार राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो राशियां जिनको इसका शुभ परिणाम मिलने की संभावना है।