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इन तीन राशियों पर चल रही है साढ़ेसाती, शनि को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय

Fri, 07 May 2021 07:45 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
हर ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन करता है उसी प्रकार शनि ग्रह भी एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। शनि मार्गी भी होते हैं और वक्री (ग्रह की उल्टी चाल) भी होते हैं। सभी ग्रहों में शनि सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। इसी कारण इन्हे शनैश्चर भी कहा जाता है। शनि की धीमी गति के कारण ही साढ़ेसाती या ढैय्या लगती है। शनि को बहुत ही प्रभावशाली ग्रह माना जाता है। ये जिस राशि में विराजमान होते हैं उसपर तो इनका प्रभाव पड़ता ही है साथ ही में ये अन्य राशियों को भी प्रभावित करते हैं। यदि शनिदेव अशुभ स्थिति में होते हैं तो जातक को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समय तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। ऐसे में इन राशियों के लोगों के शनि के प्रसन्न करने के उपाय करने चाहिए। जानते हैं कि किन राशियों पर है साढ़ेसाती और क्या हैं शनि की अशुभता से बचने के उपाय।
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shani dev
शनि एक ही राशि में लगभग ढाई वर्ष तक विराजते हैं इस तरह से 12 राशियों का एक चक्र पूर्ण करने में पूरे तीस वर्ष लेते हैं। ज्योतिष के अनुसार इस समय तीन राशियों धनु, कुंभ और मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। इस समय शनि मकर में विराजमान हैं जो 29 अप्रैल 2022 को स्वयं के स्वामित्व की राशि कुंभ में गोचर करेंगे। इस समय कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है तो वहीं मकर पर साढ़ेसाती का मध्य चरण चल रहा है और धनु राशि पर साढ़ेसाती की अंतिम चरण चल रहा है। इन राशियों के जातकों शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं।
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शनि की कृपा के लिए पीपल पेड़ में जल चढ़ाएं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शनिदोष से मुक्ति के उपाय
शनि के प्रभाव से बचने के लिए प्रत्येक शनिवार को संध्याकाल में किसी पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल दीपक जलाना चाहिए साथ ही उसमें कुछ साबुत उड़द और काले तिल भी डाल दें। पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें। माना जाता है कि इससे शनि के कुप्रभावों से राहत मिलती है।

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shani, hanuman
हनुमान चालीसा का पाठ
शनिदेव की अशुभ दृष्टि से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा बहुत लाभकारी मानी गई है। पौराणिक मान्यता के अनुसार शनिवार के दिन हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि के कोप से मुक्ति मिलती है।
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शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शिव जी की पूजा करनी चाहिए (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
शनि के प्रभाव से बचने के लिए शिव जी की पूजा
शिव जी शनिदेव की गुरू हैं इसलिए शनि की कुदृष्टि से बचने के लिए शिव जी की पूजा भी शुभफलदायी रहती है। शिव जी की पूजा से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
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शनि का दान (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शनि का दान
शनिवार के दिन काले तिल, साबुत उड़द, छाता आदि चीजों का दान करना चाहिए। इसके साथ ही एक पात्र में सरसों के तेल लेकर उसमें एक सिक्का डालें और अपने चेहरे की छाया तेल में देखकर शनि का दान लेने वाले को दान कर दें। मान्यता है कि इससे शनि की छाया से मुक्ति प्राप्त होती है।
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