Shani Sade Sati 2022 : शनि की साढ़ेसाती व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां लाती हैं, यही कारण है कि शनि का नाम आते ही लोग घबरा जाते हैं।
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Shani Sade Sati: शनि ग्रह को न्याय और कर्म फलदाता ग्रह माना गया है। यह व्यक्तियों को उनके द्वारा किए गए अच्छे-बुरे कर्मों के आधार पर शुभ-अशुभ फल प्रदान करते हैं। शनि ग्रह सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं यह किसी एक राशि में साढ़े सात साल तक रहते हैं। शनि ग्रह की किसी राशि में साढ़े सात वर्ष तक चलने वाली दशा को साढ़ेसाती कहते हैं। किसी जीवित व्यक्ति के जीवन में कम से कम एक बार साढ़ेसाती का प्रभाव जरूर रहता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साढ़ेसाती की दशा साढ़े सात साल तक चलती है।
शनि ग्रह सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं। यह एक से दूसरी राशि तक गोचर करने में ढाई वर्ष तक का समय लेते हैं। किसी राशि में गोचर करते हुए शनि जब व्यक्ति के जन्म राशि या फिर नाम राशि में स्थित होता है तो उस राशि पर, उससे अगली राशि और बारहवें स्थान वाली राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव होता है। इस प्रकार एक समय में तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती का असर होता है। शनि को इन तीन राशियों से गुजरने में सात साल और 6 महीने का समय लगता है। ज्योतिष में इसी समय को साढ़ेसाती के नाम से जाना जाता है।वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर शनि ग्रह किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली के 12वें, पहले,दूसरे और जन्म के चंद्र के साथ हो तो उसे शनि की साढ़े साती कहते हैं। शनि की साढ़ेसाती 3 चरणों में पूरी होती है। दूसरा चरण सबसे ज्यादा कष्टकारी होता है।
वर्तमान में शनि ग्रह की स्थिति
शनिदेव इस समय मकर राशि में मार्गी हैं। आपको बता हैं शनि बीते 23 अक्तूबर को मकर राशि में मार्गी हुए थे उससे पहले शनि इसी राशि में उल्टी चाल से चल रहे थे। शनि के मकर राशि में होने से धनु,मकर और कुंभ राशि पर इस समय शनि की साढ़ेसाती चल रही है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब शनि किसी राशि में गोचर करते हैं तो शनि का साढ़ेसाती उस राशि पर,एक राशि आगे और एक राशि पीछे शुरू हो जाती है। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि वालों पर कब से कब तक शनि की साढ़ेसाती लगेगी। 17 जनवरी 2023 को शनि जब कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे तो मकर,कुंभ और मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। साथ ही 29 मार्च 2025 को शनि मकर राशि में प्रवेश करेंगे। फिर कुंभ, मीन और मेष राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती शुरुआत होगी।
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mesh rashifal 2022
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मेष पर साढ़ेसाती का प्रभाव- 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक
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TAURUS RASHIFAL
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वृषभ पर साढ़ेसाती का प्रभाव- 3 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 तक
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Gemini
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मिथुन राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव- 8 अगस्त 2029 से 27 अगस्त 2036 तक
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Cancer
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कर्क राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव- 31 मई 2032 से 22 अक्टूबर 2038 तक
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Leo
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सिंह राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव- 13 जुलाई 2034 से 29 जनवरी 2041 तक
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Virgo
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कन्या राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव- 27 अगस्त 2036 से 12 दिसंबर 2043 तक
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तुला राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव- 22 अक्टूबर 2038 से 8 दिसंबर 2046 तक।
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Scorpio
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वृश्चिक राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव- 28 जनवरी 2041 से 3 दिसंबर 2049 तक
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Sagittarius
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धनु राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव- कुछ समय के लिए जारी है फिर 12 दिसंबर 2043 से 3 दिसंबर 2049 तक
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Capricorn
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मकर राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव- अभी जारी है और 29 मार्च 2025 तक
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Aquarius
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कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव- अभी जारी है और 3 जून 2027 तक