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सितंबर 2020 तक ये पांच राशियों के लोग रहें सावधान, इन पर रहेगी शनि की टेढ़ी नजर

Sun, 12 Jul 2020 06:05 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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शनि 2020: इस समय शनि मकर राशि में हैं जहां वह उल्टी चाल यानी वक्री होकर चल रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष शास्त्र में शनि का विशेष महत्व होता है। किसी भी जातक की कुंडली का अध्ययन करते समय कुंडली में मौजूद शनि ग्रह को बहुत ध्यान से देखा जाता है। ज्योतिष के अनुसार जितना शनि देव कष्ट देते हैं उतना ही मालामाल भी करते हैं। शनि का नाम आते है लोगों के दिमाग में डर बैठ जाता है। किसी भी जातक की कुंडली में शनि कमजोर होने पर कई तरह की परेशानियां  आने लगती हैं। इसके अलावा जब-जब शनि का गोचर होता है तब तब इसका शुभ और अशुभ दोनों तरह का प्रभाव सभी 12 राशियों पर भी होता है। इस समय शनि मकर राशि में हैं जहां वह उल्टी चाल यानी वक्री होकर चल रहे हैं। 29 सितंबर तक शनि उल्टी चाल में रहेंगे। शनि की उल्टी चाल से कई राशियों पर इसका असर हो रहा है। खासकर उन राशियों पर ज्यादा होगा जिन पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हैं।

शनिवार के दिन भूलकर भी न करें ये काम नहीं तो शनिदेव हो सकते हैं नाराज
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साल 2020 में शनि ग्रह - फोटो : अमर उजाला
तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती
शनि इस समय मकर राशि में उल्टी चाल से चल रहे हैं। ऐसे में मौजूदा समय में शनि की साढ़ेसाती धनु, मकर और कुंभ राशि पर है। शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में होती है। पहला, दूसरा और तीसरा। धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण मकर राशि पर दूसरा चरण और कुंभ राशि पर पहला चरण चल रहा है। शनि की साढ़ेसाती चलने पर कई तरह की परेशानियां आने लगती है। समय पर काम पूरा नहीं होता है। बीमारियां घेरे रहती हैं और आर्थिक संकट बना रहता है।
 
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शनिदेव
दो राशियों पर शनि की ढैय्या
ज्योतिष गणना में शनि की ढैय्या भी को अशुभ माना जाता है। मौजूदा समय में मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। जन्म राशि से चतुर्थ और अष्टम स्थानों पर गोचर करते हुए शनि की ढैया रहती है, जो ढ़ाई वर्ष तक चलती है यह भी जातक के लिए अति कष्टकारी रहती है।

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शनि वक्री - फोटो : अमर उजाला
शनि की अशुभ छाया से बचने के उपाय
शनि का साढ़ेसाती और ढैय्या के अलावा शनि ऐसे जातकों पर भी अपनी अशुभ छाया डालते जो हमेशा गरीबों और असहायों को परेशान करते हैं। ज्योतिष में शनि की वक्री चाल को अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में 29 सितंबर तक शनि के मकर राशि में वक्री रहते हुए धनु, मकर, कुंभ, मिथुन और तुला राशि के जातकों को सावधान रहने की जरुरत होगी। ज्योतिष में शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के कुछ उपाय बताए गए हैं।
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मकर राशि में शनि
उपाय
- शनि को प्रसन्न करने के लिए हर शनिवार को शनि देव की पूजा और मंदिर में जाकर सरसों का तेल और काला तिल चढ़ाएं।
- इसके अलावा हर शनिवार को पीपल के पेड़ पर जल देने से भी शनि का प्रकोप कम हो जाता है।
- हनुमान चालीसा का पाठ और शनि के मंत्रों को लगातार जप करने से शनि का असर कम होता है।
- काली गाय को रोटी खिलाने से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं।

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