नवंबर-दिसंबर
3 नवंबर को नीच के शुक्र की युति केतु के साथ होगी जिसके कारण आपको स्त्री के माध्यम से धन हानि होगी। अष्टम में विराजमान राहु की दृष्टि नीच के शुक्र पर होने के कारण धन संचय में कठिनाई और पत्नी को कष्ट सम्भव है। राहु के इस संचरण से आप गुरु चांडाल योग से मुक्त हो जाएंगे और गुरु महाराज अब पूरे बल से आपके भाग्य भाव की वृद्धि करेंगे। भाग्य के स्वामी मंगल माह मध्य में अपनी ही राशि में केंद्र में गोचर कर राजयोग का निर्माण करेंगे। केंद्र में मंगल बुध की से इस माह मानसिक बल प्राप्त होगा। शनि की सप्तम भाव से आ रही दृष्टि किसी पारिवारिक यात्रा की ओर संकेत कर रही है।
साल के अंतिम माह में ग्रहों का गोचर आपके अनुकूल रहने वाला है। अपनी मूल त्रिकोण राशि तुला में शुक्र का गोचर आपकी वाणी में मधुरता प्रदान करने वाला होगा। इस समय मीडिया,कम्युनिकेशन और सिनेमा जगत से जुड़े जातक बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। इस माह आपको यात्राओं से बेहद लाभ होने वाला है। पंचम में सूर्य का गोचर संतान पक्ष को मजबूती देने का काम करेगा वही शत्रु भाव में बुध आपको नौकरी में तरक्की दिलवाने का काम करने वाले है। इस समय भाग्य में विराजमान गुरु आपके व्यक्तित्व को निखारने का काम करेंगे। आपका एक आध्यात्मिक दृष्टिकोण जीवन को नई दिशा देने का काम करेगा। साल के अंत में शनि मंगल एक दूसरे से केंद्र में होंगे और आपको साझेदारी से जुड़े काम में लाभ देने का काम करेंगे। इस समय तेल, खनन और इंजीनियरिंग से जुड़े जातक धन लाभ की ओर अग्रसर होंगे।