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ये है इस साल रिकार्ड तोड़ गर्मी की वजह, जानिए कब होगी बरसात

Thu, 26 May 2016 03:04 PM IST
सचिन मल्होत्रा/ज्योतिषशास्त्री
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गर्मी
14 मई से गोचर में सूर्य, शनि और मंगल का समसप्तक योग बन हुआ है।वृषभ-वृश्चिक राशि के अक्ष पर बने क्रूर ग्रहों के इस योग के कारण समूचे भारत में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है।सूर्य से सातवें घर में 180 अंश की दूरी पर होने के कारण शनि और मंगल धरती के निकट आ गए हैं।इन क्रूर ग्रहों के दवारा वृषभ और वृश्चिक राशियों के पीड़ित होने के कारण उत्तर भारत में अगले 15 दिनों में किसी बड़े भूकम्प की भी आशंका है।
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ये है इस साल र‌िकार्ड तोड़ गर्मी की वजह, जान‌िए कब होगी बरसात

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ग्रह नक्षत्र
14 जून को सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश के बाद ही उत्तर और मध्य भारत में इस झुलसा देने वाली गर्मी से कुछ राहत की उम्मीद की जा सकती है। किन्तु वक्री अवस्था में चल रहे शनि और मंगल ज्योतिषशास्त्र के ग्रन्थ भविष्य फल भास्कर के अनुसार मानसून में देरी का संकेत हैं। केरल में मानसून के 5 जून की अमावस्या के बाद ही दस्तक देने के ज्योतिषीय योग हैं।मुंबई, अहमदाबाद, भोपाल और रायपुर में भी मानसून इस वर्ष 4 से 5 दिनों की देरी से पहुंचेगा। किन्तु सिंह राशि में चल रहे गुरु के कारण पूर्व दिशा यानि बंगाल, बिहार, असम आदि पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून समय पर पहुँच कर खूब जम कर बरसेगा।
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शिमला में हुई बारिश के दौरान मस्ती करते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
29 जून को मंगल के मार्गी गति में आने के बाद मानसून में कुछ तेज़ी आएगी। किन्तु इस से पहले जून के महीने में हुई कम वर्षा से सूखे के हालात ओर बिगड़ सकते हैं। जून के महीने में कम वर्षा होने से फसलों की बुवाई में देरी हो सकती है। 11 जुलाई को बुध के जलीय राशि कर्क में शुक्र के साथ युति करने के बाद मानसून उत्तर भारत में जम के बरसेगा और किसानों के साथ-साथ आम जनता को भी राहत मिलेगी। जुलाई के दूसरे पखवाड़े में देश भर में अच्छी वर्षा होगी।

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उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण बाढ़ - फोटो : amar ujala
अगस्त के महीने में पहले पखवाड़े में बुध, शुक्र और गुरु की सिंह राशि में बनने वाली युति के कारण भयंकर बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं से जान-माल का भारी नुकसान होगा। अगस्त के महीने में गंगा, शिप्रा, ब्रह्मपुत्र, गंडक आदि नदियों में बाढ़ आने से उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में लाखों लोगों की मुश्किलें बढ़ेगी।
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दिल्ली/एनसीआर में बारिश
11 अगस्त को  गुरु के  कन्या राशि में आने के  बाद दक्षिण भारत में भारी बारिश होगी और गोदावरी तथा नर्मदा नदी में जलस्तर खतरे के  निशान को पार कर बाढ़ के  हालात लाएगा।कुलमिलाकर इस वर्ष देशभर में मानसून आसामन्य रहेगा।जून में सूखे तो अगस्त के  महीने में बाढ़ से आम जनता को भारी कष्ट होगा। दक्षिण-पश्चिम मानसून में चार महीनों में कुल वर्षा 90 प्रतिशत के आसपास रह सकती है।
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