आज यानी 18 जून 2022 को सुख और वैभव प्रदान करने वाले अपनी स्वराशि वृषभ में प्रवेश कर गए हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी कोई ग्रह एक निश्चित अंतराल पर अपनी राशि बदलता है तो इसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर अवश्य पड़ता है। ग्रह के राशि परिवर्तन से कुंडली में शुभ और अशुभ दोनों तरह के परिवर्तन देखने को मिलता है। अगर कुंडली में ग्रह शुभ भाव में हो तो जातक को शुभ फल मिलते हैं लेकिन वही अगर ग्रह राशि परिवर्तन करने के बाद जातक की कुंडली में ग्रह अशुभ भाव में होते हैं तो व्यक्ति को असफलताएं प्राप्ति होती हैं। शुक्र के राशि परिवर्तन से कुछ राशि के जातकों पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होने के संकेत हैं।
लक्ष्मी नारायण नाम का शुभ योग
शुक्र के स्वराशि वृषभ राशि में गोचर से बुध ग्रह के साथ युति का भी बन गया है। बुध ग्रह पहले से ही वृषभ राशि में मौजूद हैं। जब किसी एक राशि में दो ग्रहों का गोचर होता है उसे युति कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब बुध-शुक्र ग्रह की युति होती है तब लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होता है। लक्ष्मी नारायण योग को बहुत ही शुभ और लाभदायक माना गया है। इस योग से जातकों के ऊपर लक्ष्मीजी की विशेष कृपा रहती है। गरीब आदमी भी यकायक धनवान बन जाता है और सौभाग्य में वृद्धि हो जाती है।