surya grahan
सूर्य ग्रहण 2023 का सूतक काल
सूर्य ग्रहण की घटना के दौरान ग्रहण का सूतक काल ग्रहण के 12 घंटे पहले से शुरू हो जाता है और जब ग्रहण खत्म होता है तब सूतक काल का प्रभाव भी समाप्त हो जाता है। ऐसे में 14 अक्तूबर को लगने वाला सूर्यग्रहण का सूतक काल सुबह 08 बजकर 34 मिनट से शुरू हो जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतककाल के दौरान किसी भी तरह का कोई भी शुभ कार्य नहीं करना होता है। सूतक काल में न ही खाना पकाया जाता और न ही खाना खाया जाता है। सूतक काल के दौरान भगवान को स्पर्श करना और उनकी पूजा करना भी वर्जित होता है। सूर्य ग्रहण के दौरान सभी मंदिरों के दरवाजे बंद हो जाते हैं। ग्रहण की समाप्ति के साथ ही सूतक काल खत्म होता जाता है और फिर पूरे घर में गंगाजल से छिड़काव किया जाता है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इसका सूतककाल मान्य नहीं होगा।