ग्रहों के राजा सूर्य 14 मई से लेकर 14 जून तक शुक्र की राशि वृष में रहेंगे। शुक्र की राशि वृष में सूर्य का आगमन शनिवार के दिन हो रहा है ऐसे में जो ग्रह योग बन रहे हैं वह कई बातों की ओर इशारा कर रहे हैं जो मोटे तौर पर आपकी जेब पर असर डालेंगे और आपकी परेशानी को बढ़ा सकते हैं।
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वृष संक्रांति आज, यह है ज्योतिषी की भविष्यवाणी
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वृष
पिछले दो वर्षों में मानसून के औसत से कम रहने और सर्दियों में बेमौसम की बरसात के कारण भारत में किसानों को अनेक मुसीबतों का सामना करना पड़ा। वर्तमान में भारत के 10 से अधिक राज्य सूखे की चपेट में हैं। कृषि उत्पादों की कम पैदावार के चलते दालों की कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में सरकार, किसान और आम जनता सभी की उम्मीदें अब अच्छे मानसून पर टिकी हुई हैं। लेकिन ज्योतिषशास्त्र के दृष्टिकोण से देखे तो यह वर्ष असामान्य वर्षा का संकेत दे रहा है जिससे कुछ राज्यों में सूखा तो कहीं भारी वर्षा से जन-धन की हानि होगी। भारतीय ज्योतिष में सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश के समय बनने वाली कुंडली से खरीफ की फसल के बारे में भविष्यवाणी करने की परंपरा सदियों पुरानी रही है। और भविष्यवाणी क्या कहती है आप खुद देख लीजिए।
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वृष संक्रांति आज, यह है ज्योतिषी की भविष्यवाणी
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वृष
आज से लगभग 2300 वर्ष पूर्व राजा विक्रमादित्य के नवरत्नों में से एक आचार्य वराहमिहिर ने अपने ग्रन्थ बृहत् संहिता में वर्षा और फसलों सम्बन्धी फलकथन के अनेक सूत्र दिया थे। वराहमिहिर के अनुसार सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश के समय यदि शनि और मंगल जैसे पाप ग्रह उससे सप्तम भाव में स्थित हों तो वह फसलों को नष्ट करते हैं। यह स्थिति 14 मई को सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश के समय निर्मित हो रही है।
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ग्रह नक्षत्र
वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे शनि और मंगल अति-वक्री अवस्था में सूर्य से सप्तम भाव में हों कर उसे अपनी पूर्ण दृष्टि से पीड़ित करेंगे।इस योग के चलते मानसून में देरी हों सकती है तथा जून में सामान्य से कम वर्षा होगी।14 मई को सूर्य के वृषभ राशि में आने के कुछ दिन बाद उत्तर भारत में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी।20 मई को शुक्र के वृषभ राशि में प्रवेश और 8 जून को बुध के वृषभ राशि में आने के बाद सूखे की स्थिति उत्तर भारत में गम्भीर रूप ले सकती है।
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वृष संक्रांति आज, यह है ज्योतिषी की भविष्यवाणी
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venus planet
जुलाई के दूसरे पखवाड़े में बुध और शुक्र के जलीय राशि कर्क में गोचर के समय भारत में अच्छी वर्षा होगी। 11 अगस्त को गुरु के कन्या राशि में प्रवेश के समय और 13 अगस्त को शनि के मार्गी होने के साथ ही देश भर में भारी वर्षा का दौर शुरू होगा। जून में जहां कम वर्षा से सूखे की स्थिति बनी रहेगी वहीं अगस्त में भारी वर्षा से आई बाढ़ तांडव मचाएगी।
ग्रहों की स्थिति के अनुसार वर्ष 2016 में असमान्य वर्षा के कारण खरीफ की फसल पर बड़ा संकट आ सकता है। 1 जून से 15 जुलाई के बीच कम वर्षा से फसलों की बुवाई में देरी और बाद में 15 जुलाई से अगस्त के अंत तक होने वाली भारी बारिश किसानों के लिए कष्टप्रद हो सकती है।