धनु राशि में पहले से ही गुरु, शनि और केतु विराजमान हैं जिनके रहने के परिणाम स्वरूप चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। इसी संयोग के प्रभाव से पृथ्वी पर प्राकृतिक आपदाओं जिनमें अति वर्षा, बर्फबारी, शीत लहर, आगजनी, आंधी तूफान एवं भूकंप जैसी घटनाओं का योग बनेगा। यह योग धनु राशि में बन रहा है इसलिए इस राशि की मूलत्रिकोण राशियां मेष और सिंह के जातकों को भी सावधान रहने की आवश्यकता है। सूर्य के धनु राशि में प्रवेश का सभी 12 राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।