Budhaditya Yoga: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कई ग्रह किसी एक ही राशि में गोचर करते हैं तो कई तरह के योग बनते हैं। ऐसा ही एक योग बना हुआ है बुधादित्य योग। ज्योतिष में बुधादित्य योग को बहुत ही शुभ योग माना जाता है। जब सूर्य और बुध दोनों ही एक राशि में विराजमान होते हैं तब बुधादित्य योग का निर्माण होता है। ज्योतिष में सूर्य और बुध दोनों ही ग्रहों को बहुत महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। सूर्य को मान-सम्मान, यश, कीर्ति और पद-प्रतिष्ठा के कारक ग्रह माने जाते हैं। वहीं बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार का ग्रह माना गया है। गौरतलब है कि सूर्यदेव 17 जुलाई को बुध की राशि में प्रवेश कर लिया है। बुध पहले से ही कर्क राशि में विराजमान हैं ऐसे में बुधादित्य राजयोग का निर्माण हुआ है। बुधादित्य योग का शुभ प्रभाव एक महीने तक चलेगा। जिसके कारण सभी 12 राशियों के ऊपर इसका प्रभाव पड़ेगा। इस बुधादित्य राजयोग से चार राशि वालों को अचानक से धन लाभ और करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं।