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Shukra Gochar: शुक्र ग्रह का मेष राशि में प्रवेश, जानें किन्हें मिलेगा लाभ, किन्हें रखना होगा सतर्क

Mon, 02 Jun 2025 11:32 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shukra Rashi Parivartan: शुक्र देव ने आज, 31 मई 2025 को मीन से निकलकर मेष राशि में प्रवेश किया है, जहां वे 23 दिनों तक रहेंगे। इस गोचर का असर सभी 12 राशियों के प्रेम, धन, करियर और वैवाहिक जीवन पर स्पष्ट रूप से पड़ेगा।
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shukra ka mesh rashi mein gochar - फोटो : adobe stock
Shukra Rashi Parivartan: वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, भोग-विलास, ऐश्वर्य, सौंदर्य, वैवाहिक जीवन और भौतिक सुख-सुविधाओं का प्रतीक माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, उन्हें जीवन के अधिकांश क्षेत्रों में शुभ और लाभकारी परिणाम प्राप्त होते हैं। यही कारण है कि शुक्र की चाल या गोचर को ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव व्यक्ति के प्रेम जीवन, आर्थिक स्थिति और रिश्तों पर पड़ता है।
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अब शुक्र देव ने आज, 31 मई 2025 को सुबह 11:17 बजे, अपनी उच्च राशि मीन से निकलकर मेष राशि में प्रवेश कर लिया है। यह गोचर सभी 12 राशियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। बता दें कि मेष राशि के स्वामी मंगल हैं और शुक्र-मंगल के बीच संबंध तटस्थ माने जाते हैं, जिससे यह गोचर कुछ राशियों के लिए अनुकूल तो कुछ के लिए सावधानी बरतने वाला समय हो सकता है। शुक्र लगभग 23 दिनों तक मेष राशि में रहेंगे और इस दौरान उनका प्रभाव प्रेम, धन, करियर और वैवाहिक जीवन में साफ़ तौर पर देखने को मिलेगा।
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shukra ka mesh rashi mein gochar - फोटो : amar ujala
मेष राशि
शुक्र आपके लग्न भाव में गोचर कर चुके हैं। इस समय खर्चों पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो सकता है, जिससे बचत नहीं हो पाएगी। रिश्तों में तनाव और कार्यस्थल पर अधिकारियों से अनबन हो सकती है। काम का बोझ बढ़ेगा और व्यापार में उम्मीद से कम लाभ होगा। प्रेम संबंधों में दूरियां और स्वास्थ्य में आंखों की जलन या थकान की समस्या आ सकती है।
उपाय: रोज़ाना 41 बार “ॐ बुधाय नमः” का जाप करें।
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shukra ka mesh rashi mein gochar - फोटो : amar ujala
वृषभ राशि
शुक्र आपके बारहवें भाव में हैं। इस दौरान मन आध्यात्म की ओर झुका रह सकता है और यात्रा के योग बन सकते हैं। करियर में काम का दबाव बढ़ेगा, जिससे थकान हो सकती है। व्यापार में एकाग्रता की कमी से लाभ नहीं होगा। निजी जीवन में जीवनसाथी से दूरी या असंतोष हो सकता है। स्वास्थ्य में पैरों व जांघों में दर्द हो सकता है।
उपाय: बृहस्पतिवार को यज्ञ-हवन करें।

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shukra ka mesh rashi mein gochar - फोटो : amar ujala
मिथुन राशि
शुक्र आपके ग्यारहवें भाव में आए हैं, जिससे आय के नए स्रोत बन सकते हैं और संतान से खुशी मिलेगी। करियर में नए मौके और विदेश से जुड़े काम मिल सकते हैं। सट्टा या शेयर से भी लाभ मिल सकता है। प्रेम जीवन सुखद रहेगा। सेहत भी अच्छी बनी रहेगी और इम्युनिटी मजबूत होगी।
उपाय: मंगलवार को केतु ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।
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shukra ka mesh rashi mein gochar - फोटो : amar ujala
कर्क राशि
शुक्र दसवें भाव में गोचर कर चुके हैं। इस समय प्रॉपर्टी में निवेश और खर्चों में संतुलन बना सकते हैं, लेकिन करियर में काम का तनाव और नौकरी परिवर्तन का योग है। व्यापार में उतार-चढ़ाव रहेगा। दांपत्य जीवन में टकराव हो सकता है और स्वास्थ्य में सिरदर्द या हाई बीपी की शिकायत हो सकती है।
उपाय: रोज़ाना 11 बार “ॐ चंद्राय नमः” का जाप करें।
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shukra ka mesh rashi mein gochar - फोटो : amar ujala
सिंह राशि
शुक्र अब आपके नवम भाव में हैं। इस दौरान धार्मिक यात्रा या किसी नई जगह पर जाने का योग है। नौकरी में नए मौके और लाभ मिल सकता है। व्यापार में अच्छे ऑर्डर मिलेंगे। जीवनसाथी के साथ मधुर संबंध रहेंगे और सेहत भी उत्तम रहेगी।
उपाय: रोज़ 11 बार “ॐ भास्कराय नमः” मंत्र पढ़ें।
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कन्या राशि
शुक्र आपके आठवें भाव में गोचर कर चुके हैं। इस समय मानसिक असुरक्षा और खुशी में कमी हो सकती है। काम में मन नहीं लगेगा, जिससे निराशा होगी। व्यापार में नुकसान संभव है और पारिवारिक जीवन में अहंकार से संबंध खराब हो सकते हैं। आंखों में जलन या दर्द की संभावना है।
उपाय: रोज़ 11 बार “ॐ नमो नारायण” का जाप करें।

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तुला राशि
शुक्र आपके सप्तम भाव में हैं। नए दोस्त बन सकते हैं, लेकिन पुराने संबंधों को संभालना मुश्किल होगा। करियर में दबाव रहेगा, पर उच्च अधिकारियों से संबंध सुधरेंगे। व्यापार में औसत लाभ होगा और पार्टनर के साथ संबंध स्थिर रहेंगे। स्वास्थ्य में मामूली सर्दी-खांसी की समस्या हो सकती है।
उपाय: रोज़ 11 बार “ॐ शुक्राय नमः” मंत्र बोलें।

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वृश्चिक राशि
शुक्र अब आपके छठे भाव में हैं। इस समय रिश्तों में दरार आ सकती है और लाभ मिलने में देरी हो सकती है। काम का बोझ बढ़ेगा, व्यापार में प्रतिस्पर्धा से तनाव होगा। जीवनसाथी से बहस की संभावना है और उनके स्वास्थ्य पर खर्च करना पड़ सकता है।
उपाय: रोज़ 11 बार “ॐ भौमाय नमः” मंत्र का जाप करें।

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धनु राशि
शुक्र पांचवे भाव में गोचर कर चुके हैं। इस समय भविष्य को लेकर चिंताएं रह सकती हैं और कर्ज बढ़ सकता है। करियर में प्रदर्शन कमजोर रह सकता है और व्यापार में प्रतिस्पर्धा से नुकसान हो सकता है। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव हैं। बच्चों की सेहत पर ध्यान देना ज़रूरी होगा।
उपाय: रोज़ 11 बार “ॐ बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करें।

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मकर राशि
शुक्र आपके चौथे भाव में आए हैं। इस दौरान आप असुरक्षित महसूस कर सकते हैं और पारिवारिक कलह की स्थिति बन सकती है। कार्यस्थल पर सहयोगियों से संबंध बिगड़ सकते हैं। व्यापार में औसत लाभ और परिवार में तनाव हो सकता है। पैरों और जांघों में दर्द की शिकायत संभव है।
उपाय: रोज़ 11 बार “ॐ वायुपुत्राय नमः” मंत्र पढ़ें।

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कुंभ राशि
शुक्र तीसरे भाव में गोचर कर चुके हैं। स्थान परिवर्तन और किस्मत का साथ मिलने के योग हैं। करियर में नई संभावनाएं बनेंगी और व्यापार में अच्छा मुनाफा होगा। नए बिज़नेस के मौके मिल सकते हैं। निजी जीवन में रिश्ते मधुर रहेंगे और सेहत में ऊर्जा बनी रहेगी।
उपाय: रोज़ 11 बार “ॐ मंदाय नमः” मंत्र का जाप करें।
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मीन राशि
शुक्र अब आपके दूसरे भाव में गोचर कर चुके हैं। इस दौरान आत्मविश्वास में कमी आ सकती है और आर्थिक रूप से अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। करियर में असंतोष के कारण नौकरी बदलने का विचार बन सकता है। व्यापार में हानि की संभावना है और वैवाहिक जीवन में वाणी पर नियंत्रण ज़रूरी होगा। पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
उपाय: रोज़ 11 बार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र बोलें।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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