गजकेसरी योग
- फोटो : amar ujala
58 साल बाद नवरात्रि की शुरुआत में गजकेसरी योग
नवरात्रि के पहले दिन सूर्योदय के समय हस्त नक्षत्र और शुक्ल योग का प्रभाव रहेगा। इसी दौरान गुरु और चंद्रमा की स्थिति से गजकेसरी योग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिष में गुरु और चंद्रमा के केंद्र संबंध से बनने वाले गजकेसरी योग को शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार, इसका संबंध ज्ञान, बुद्धिमत्ता, सम्मान, समृद्धि और बेहतर निर्णय क्षमता से जोड़ा जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, नवरात्रि की शुरुआत में नक्षत्र, वार और योग का ऐसा संयोजन लंबे अंतराल के बाद बन रहा है। इसे करीब 58 साल बाद बनने वाला दुर्लभ संयोग बताया जा रहा है। यही वजह है कि इस बार घटस्थापना का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है।