Sharad Purnima 2026: हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन को महर्षि वाल्मीकि की जयंती के रूप में भी जाना जाता है। शास्त्रों की मानें, तो शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। साथ ही उसकी एक एक किरण अमृत के समान होती है। इस दिन पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष शरद पूर्णिमा 25 अक्तूबर, रविवार को है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन रेवती नक्षत्र और हर्षण योग का संयोग रहेगा। इसके अलावा रविवार का दिन भी इस तिथि को खास बना रहा है। वहीं, तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र की मौजूदगी से त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इन ग्रहों की स्थिति को महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे कुछ राशियों को लाभ मिल सकता है। जातकों को भाग्योदय होने के योग बनेंगे। ऐसे में आइए इन लकी राशियों को जानते हैं।