ज्योतिष में शनिदेव को सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। शनि न्याय और कर्मफलदाता भी हैं यानी शनिदेव अच्छे कर्म करने पर अच्छे फल और बुरे कर्म करने पर अशुभ फल प्रदान करते हैं। शनि एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं जिसके कारण इनका प्रभाव जिन राशियों पर होता है काफी लंबे समय तक रहता है। शनि की कृपा होने पर व्यक्ति के जीवन में मान-सम्मान, तरक्की और सफलता के नए रास्ते खुलते हैं, वहीं अगर शनि की द्दष्टि प्रतिकूल हो तो जातक को तरह के कष्ट मिलने लगते हैं। आपको बता दें कि शनि अभी मीन राशि में हैं और जुलाई महीने में वक्री होने वाले हैं। शनि के वक्री होने से सभी राशियों के जातकों के ऊपर प्रभाव देखने को मिलेगा। लेकिन सबसे ज्यादा नकारात्मक प्रभाव तीन राशियों के ऊपर देखने को मिल सकता है।