वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी शनि की चाल में परिवर्तन आता है तो इसका व्यापक प्रभाव सभी राशियों के जातकों के ऊपर होता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं। यह एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन करने के लिए करीब ढाई वर्षों तक का समय लेते हैं। कर्मफलदाता और न्यायप्रिय ग्रह शनि 30 जून को अपनी स्वराशि और मूल त्रिकोण राशि कुंभ में वक्री होंगे। शनि करीब 139 दिनों तक वक्री होंगे। शनि की वक्री चाल से कुछ राशि वालों को धन-दौलत, सुख-समृद्धि और वैभव में अपार बढ़ोतरी हो सकती है। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं भाग्यशाली राशियां हैं।