वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का अधिपति और शनि को कर्म व न्याय का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, सूर्य और शनि का संबंध पिता-पुत्र का है, लेकिन दोनों ग्रहों के स्वभाव में काफी अंतर होने के कारण इन्हें परस्पर शत्रु माना जाता है। ऐसे में जब कुंडली या गोचर में दोनों की विशेष स्थिति बनती है, तो उसका असर कुछ राशियों के जीवन में देखने को मिल सकता है। 17 सितंबर 2026 को सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश करने के साथ सूर्य और शनि के बीच समसप्तक योग का निर्माण हो गया है। इस स्थिति में दोनों ग्रह एक-दूसरे से सातवें भाव में हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान कुछ राशियों को कार्य, स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़े मामलों में सावधानी रखनी होगी। आइए जानते हैं ये राशियां कौन सी हैं।