Kendra Yog 2025: ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्यायाधीश का स्थान प्राप्त है और वह मकर-कुंभ राशि के स्वामी ग्रह है। शनि एक राशि में ढाई वर्ष तक रहते है और उसके बाद ही अपनी चाल में बदलाव करते हैं। वर्तमान में वह मीन राशि में विराजमान है। यहां रहते हुए न्याय के कारक शनि कई ग्रहों के साथ युति बना रहे हैं, जिससे कई शुभ-अशुभ योग का निर्माण होता है। हाल ही में शनि वक्री हुए थे, जिसका व्यापक प्रभाव 12 राशियों पर पड़ा था। वहीं अब शनि केंद्र योग का निर्माण करने जा रहे हैं जो ज्योतिष की महत्वपूर्ण घटना में से एक है। बता दें, विलासिता के कारक ग्रह शुक्र और न्याय के देवता शनि 1 अगस्त को शाम 7 बजकर 1 मिनट पर एक-दूसरे से 90 डिग्री पर आएंगे। दोनों ग्रहों की यह स्थिति केंद्र योग का निर्माण करेगी, जिससे कुछ राशि वालों को विशेष लाभ मिल सकता है। आइए इनके नाम जानते हैं।