वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलना वाला ग्रह माना जाता है। यह किसी एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लेते हैं। कर्मफलदाता शनि राशि परिवर्तन के अलावा एक निश्चित समय पर नक्षत्र परिवर्तन भी करते हैं। आपको बता दें शनिदेव इस समय अपने स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान हैं और अब यह 15 अक्तूबर को सुबह 04 बजकर 49 मिनट को शतभिषा नक्षत्र से निकलकर धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। शनि इस धनिष्ठा नक्षत्र में 24 नवंबर तक रहेंगे, फिर इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं। आपको बता दें कि शनि और मंगल ग्रह के बीच में शत्रुता का भाव रहता है। ऐसे में शनि के नक्षत्र परिवर्तन से कुछ राशियों के लिए अच्छा तो कुछ के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे में आइए जानते हैं शनि के धनिष्ठा में आने की वजह से किन-किन राशि वालों को बहुत ही संभलकर रहना होगा।