वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म और न्याय से जुड़ा ग्रह माना गया है। शनि की स्थिति में होने वाला बदलाव व्यक्ति के जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर प्रभाव डाल सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 9 अक्तूबर 2026 को शनि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और इस नक्षत्र में 8 फरवरी 2027 तक रहेंगे। उत्तर भाद्रपद के स्वामी देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं। ऐसे में शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन को कुछ राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। आइए जानते हैं वे पांच राशियां कौन-सी हैं।
शनि के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का संबंध बृहस्पति से माना जाता है, जबकि शनि को कर्मफल का कारक माना गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन ग्रहों के प्रभाव से इस अवधि में मेहनत, अनुशासन और धैर्य रखने वाले लोगों को अपने प्रयासों का लाभ मिल सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी कुछ नए अवसर बनने की संभावना रहेगी।