Shani Margi 2023: शनिदेव 04 नवंबर 2023 से वक्री से मार्गी होने जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिदेव को 2 राशियों का स्वामित्व प्राप्त है। शनिदेव कुंभ और मकर राशि के स्वामी ग्रह है। ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफलदाता और न्याय के कारक ग्रह माना गया है। शनिदेव व्यक्ति को उसके द्वारा किए गए कर्मों के आधार पर ही शुभ- अशुभ फल प्रदान करते हैं। शनिग्रह सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक एक ही राशि में गोचर करते हैं। शनि की धीमी चाल से जातकों पर इनका प्रभाव ज्यादा दिनों तक रहता है। जिन जातकों की कुंडली में शनि शुभ स्थान पर होते हैं वे उन्हें हर तरह की सुख-सुविधाएं और ऐशोआराम प्रदान करते हैं, वहीं अगर किसी जातक की कुंडली में शनि अशुभ रहते हैं तो उस व्यक्ति का जीवन तमाम तरह के संकटों में बीतता है। शनिदेव 17 जून 2023 से कुंभ राशि में वक्री अवस्था में है जो अब 4 नवंबर 2023 को मार्गी हो जाएंगे। शनि की सीधी चाल से यानी मार्गी होने से कई राशि वालों की किस्मत खुल सकती है। आइए जानते हैं शनि के मार्गी होने से किन-किन राशि वालों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं।