राहु और मंगल का षडाष्टक योग
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षडाष्टक योग क्या है?
ज्योतिष शास्त्र में षडाष्टक योग तब बनता है जब दो ग्रह एक-दूसरे से छठे या आठवें भाव में, या 150 डिग्री के अंतर पर होते हैं। यह योग सामान्यत: चुनौतियां और परेशानियां लेकर आता है। जब दो ग्रह इस स्थिति में होते हैं, तो उनका आपसी संबंध मुश्किलें पैदा कर सकता है, जिनसे व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक या आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इस बार, राहु और मंगल का संयोजन खास तौर पर महत्वपूर्ण है। राहु 18 मई 2025 को मीन राशि से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि मंगल अपनी नीच राशि कर्क में रहेंगे। जब ये दोनों ग्रह इस स्थिति में होते हैं, तो षडाष्टक योग और भी अधिक प्रभावशाली हो जाता है। यह संयोग न केवल व्यक्तिगत जीवन पर बल्कि सामाजिक और आर्थिक मामलों पर भी गहरा असर डाल सकता है।