शनि को ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण ग्रह की संज्ञा दी गई है। शनि को कर्म, लाभ और न्याय का ग्रह माना गया है। आज इस लेख में हम समझने की कोशिश करेंगे कि शनि की अन्य ग्रहों के साथ युति का क्या फल होता है।
शनि सूर्य युति - इस युति को ज्योतिष में अच्छा नहीं माना गया है। इससे पिता पुत्र में मतभेद होना, पिता के सुख में कमी होगा स्वाभाविक है। किसी भी कार्य के संपन्न होने में काफी देरी होती है। राजनीति में यह युति सफलता दे सकती है।
शनि चन्द्रमा युति - इसे विष योग कहा गया है। यह सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही परिणाम देता है। अगर बलहीन चंद्र पर शनि का प्रभाव हो तो जातक का मन बेहद कमजोर होगा और वह हर बात पर डरेगा लेकिन शुक्ल दशमी से पूर्णिमा के बीच का चंद्र हो और शनि भी बलवान हो तो जातक उच्च कोटि का साहसी और साधक होगा।
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shanidev
शनि मंगल युति - इन दोनों की युति विनाशकारी परिणाम देगी। ज्योतिष में शनि और मंगल दोनों को शत्रु कहा गया है, ऐसे में इस युति वाले जातक काफी गुस्सैल और असफल होते हैं। यह कर्ज में दबने की भी निशानी है। मशीन की समझ अच्छी होती है। तकनीकी कार्य में जातक सफल हो सकता है।
शनि बुध युति- इन दोनों की ग्रहों की युति जातक को अच्छा प्रोफसर, ज्योतिषी और वैज्ञानिक बनाती है। शनि के गुण जब बुध ग्रहण करता है तो जातक गूढ़ तरीक़े से अध्ययन करता है और अपनी बात को बहुत अच्छे से समझा पाता है। ऐसे में ऐसे व्यक्ति के लाखों चाहने वाले होंगे।
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शनिदेव
- फोटो : अमर उजाला
शनि गुरु युति- अगर किसी की कुंडली में शनि गुरु की युति हो या ये दोनों एक दूसरे को देख रहे हों तो जातक काफी अच्छा सलाहकार होता है। ऐसे व्यक्ति को राजनीति में भी अच्छा पद प्राप्त होने की पूरी सम्भावना रहती है। उच्च कोटि का साधक और मंत्रो का ज्ञाता होता है।
शनि शुक्र युति - वैसे दोनों मित्र है लेकिन इस युति के कारण शनि शुक्र की ऊर्जा को सोख लेता है। फलस्वरूप जातक यौन सुख में रूचि कम लेता है। उसे स्त्री सुख की इच्छा नहीं होती और ना ही वो भौतिक सुख का आनंद लेता है। यहां शुक्र स्त्री सुख में कमी करने वाला होगा।
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Shani Dev
- फोटो : istock
शनि राहु युति - ज्योतिष में यह युति अच्छी नहीं कही गई है लेकिन अक्सर यह देखा गया है कि दोनों शुभ फल देते हैं। दरअसल राहु शनि के समान ही फल करता है इसलिए अगर इस युति में शनि बलवान हो तो जातक को उच्च पद की प्राप्ति होगी और अगर शनि नीच या पीड़ित हुआ तो जातक जीवन भर असफल ही होगा।
शनि केतु युति - इस युति में जातक को गंभीर रोग हो सकता है। कैंसर और किसी लाइलाज बीमारी का यह संकेत है। किसी भूत प्रेत की बाधा से भी जातक पीड़ित हो सकता है। जीवन में एक बार ऑपरेशन अवश्य होता है। केतु अगर अशुभ हुआ तो अकाल मौत भी हो जाती है।