वैदिक ज्योतिष शास्त्र में राहु को पापी, छाया और मायावी ग्रह माना जाता है। राहु हमेशा ही उल्टी चाल चलते हैं। राहु का कारक तत्व की बात करें तो यह अचानक से मिलने वाला सफलता, भ्रम, दुविधा, राजनीति और महत्वाकांक्षा से संबंधित होता है। राहु मौजूदा समय में कुंभ राशि में विराजमान हैं और इस साल के अंत में यानी दिसंबर में कुंभ राशि की अपनी यात्रा का विराम देते हुए मकर राशि में प्रवेश करेंगे। पंचांग गणना के अनुसार, राहु 5 दिसंबर 2026 को मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जो 23 जून 2028 तक इसी राशि में रहेंगे, फिर धनु राशि में गोचर करेंगे। राहु के मकर राशि में प्रवेश करने पर कुछ राशि वालों के जीावन में अचानक से परिवर्तन के योग हैं। आइए जानते हैं राहु के मकर राशि में गोचर करने से किन-किन राशि वालों को सबसे ज्यादा लाभ मिल सकता है।