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Rahu Ketu: राहु-केतु के कारण आ रही है रुकावट? ये उपाय लाएंगे राहत और सफलता

Sun, 13 Apr 2025 01:00 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rahu-Ketu Dosh Nivaran: अगर आपकी कुंडली में राहु-केतु की स्थिति शुभ नहीं है, तो कुछ विशेष उपायों और श्रद्धा से इन ग्रहों की अशुभ छाया को भी शांत किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रभावशाली और व्यावहारिक उपाय, जो राहु-केतु के दोष को कम कर जीवन को फिर से शुभता की ओर मोड़ सकते हैं।
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rahu-ketu dosh upay - फोटो : amar ujala
Rahu Ketu Dosh Ke Upay: ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को छाया ग्रह कहा गया है। जब ये दो ग्रह किसी व्यक्ति की कुंडली में प्रतिकूल स्थिति में हों, तो उसका जीवन राह की हर मोड़ पर बाधाओं से भर जाता है। कार्यों में विघ्न, मानसिक बेचैनी, रिश्तों में खटास और असफलताओं का सिलसिला मानो थमने का नाम नहीं लेता। हालांकि, जहां दोष होता है, वहां समाधान भी होता है। यही विश्वास भारतीय ज्योतिष की नींव है।

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अगर आपकी कुंडली में राहु-केतु की स्थिति शुभ नहीं है, तो कुछ विशेष उपायों और श्रद्धा से इन ग्रहों की अशुभ छाया को भी शांत किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रभावशाली और व्यावहारिक उपाय, जो राहु-केतु के दोष को कम कर जीवन को फिर से शुभता की ओर मोड़ सकते हैं।

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rahu-ketu dosh upay - फोटो : amar ujala
राहु-केतु के प्रभाव
अगर किसी की कुंडली में राहु का दोष है, तो जीवन में मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान की संभावना बढ़ जाती है। परिवार में आपसी कलह, झगड़े और मुकदमे जैसे समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। राहु के प्रभाव से व्यक्ति को स्थिरता और शांति का अनुभव कम होता है, जिससे उसकी ज़िंदगी में कई उतार-चढ़ाव आते हैं।

वहीं, यदि केतु का दोष है, तो शारीरिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके कारण शरीर में कमजोरी, दर्द, और बीमारियाँ जैसे बालों का झड़ना, जोड़ों में दर्द, चर्म रोग, रीढ़ की हड्डी की समस्याएं और नसों में कमजोरी हो सकती है। यदि जीवन और शरीर में इस तरह के लक्षण दिखें, तो यह संकेत हो सकता है कि राहु-केतु का बुरा प्रभाव पड़ रहा है, जिसे दूर करने के उपायों पर ध्यान देना चाहिए।
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rahu-ketu dosh upay - फोटो : freepik
राहु केतु दोष को दूर करने के उपाय 

मां भगवती की पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां भगवती की पूजा करने से राहु-केतु के दोष शांत हो सकते हैं। देवी दुर्गा को छायारूपेण संस्थिता कहा गया है और राहु-केतु भी छाया ग्रह माने जाते हैं। दुर्गा सप्तशती में मां दुर्गा के शरण में जाने से राहु और केतु के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है। प्रतिदिन दुर्गा पूजा और खासकर नवरात्रि में मां दुर्गा की विशेष पूजा से इन ग्रहों का प्रभाव कम होता है और जीवन में सुख-शांति की स्थिति बनती है।

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rahu-ketu dosh upay - फोटो : freepik
श्री कृष्ण की पूजा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर में शेषनाग पर नाचते हुए श्री कृष्ण की तस्वीर रखना और उनकी पूजा करना राहु-केतु के दोष को शांत करने का एक महत्वपूर्ण उपाय है। श्री कृष्ण की पूजा में ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ मंत्र का जाप करना विशेष रूप से लाभकारी होता है। इस मंत्र का 108 बार जाप करने से राहु-केतु के अशुभ प्रभाव में कमी आती है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
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rahu-ketu dosh upay - फोटो : अमर उजाला
बीज मंत्र का जाप
राहु-केतु से संबंधित बीज मंत्रों का जाप करने से भी इनके दोषों को शांत किया जा सकता है। बीज मंत्रों का जाप करने से विशेष रूप से उन लोगों को लाभ होता है, जिनकी कुंडली में राहु और केतु का दोष हो। जैसे कि राहु के बीज मंत्र ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम: और केतु के बीज मंत्र ॐ क्षं केतवे नम: का जाप करने से इन ग्रहों का प्रभाव कम होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
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rahu-ketu dosh upay - फोटो : adobe
गोमेद रत्न धारण करें 
ज्योतिष शास्त्र में राहु दोष की शांति के लिए गोमेद रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। इसे शनिवार के दिन किसी अच्छे ज्योतिषी से सलाह लेकर पहनना चाहिए। गोमेद रत्न राहु के दोष को शांत करने के लिए सबसे प्रभावी रत्नों में से एक माना जाता है। रत्न शास्त्र के अनुसार, इस रत्न को पहनने से व्यक्ति की कुंडली में राहु के दुष्प्रभाव में कमी आती है और जीवन में सुधार होता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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