Rahu Kamjor Hone Ke Lakshan: ज्योतिष शास्त्र में कुल नौ ग्रहों का उल्लेख मिलता है, जिनमें सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि के साथ राहु और केतु शामिल हैं। हर ग्रह का अपना अलग स्वभाव, प्रभाव और महत्व होता है। इन्हीं में से एक विशेष ग्रह राहु है, जिसे आमतौर पर अशुभ ग्रहों की श्रेणी में रखा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राहु एक तमसिक असुर है और इसे उत्तर चंद्र बिंदु या आरोही चंद्र बिंदु का स्वामी माना जाता है। राहु को नाग स्वरूप और राक्षसी प्रवृत्ति का प्रतीक भी कहा गया है।
ज्योतिष के अनुसार राहु एक छाया ग्रह है। छाया होने के कारण इसका प्रभाव मन, सोच और व्यवहार पर गहरा पड़ता है। राहु के मुख्य गुण रोग, ऋण और शत्रुता माने गए हैं। वहीं दूसरी ओर राहु के प्रभाव में आने वाले लोग साहसी, निडर और आत्मविश्वास से भरपूर होते हैं। इन्हीं कारणों से कलियुग में राहु का प्रभाव विशेष रूप से बढ़ा हुआ माना जाता है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यदि कुंडली में राहु कमजोर होता है, तो जीवन में इसके कई नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि कुंडली में कमजोर राहु होने के लक्षण क्या हैं और इसे संतुलित करने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं।
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