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Weak Rahu Signs: बार-बार बीमारी, पैसे की दिक्कत और लड़ाई-झगड़े हो रहे हैं तो कमजोर है राहु, यहां जानें संकेत

Tue, 20 Jan 2026 05:00 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यदि कुंडली में राहु कमजोर होता है, तो जीवन में इसके कई नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि कुंडली में कमजोर राहु होने के लक्षण क्या हैं और इसे संतुलित करने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं। 
 
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कुंडली में राहु कमजोर होने के लक्षण - फोटो : Amar Ujala
Rahu Kamjor Hone Ke Lakshan: ज्योतिष शास्त्र में कुल नौ ग्रहों का उल्लेख मिलता है, जिनमें सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि के साथ राहु और केतु शामिल हैं। हर ग्रह का अपना अलग स्वभाव, प्रभाव और महत्व होता है। इन्हीं में से एक विशेष ग्रह राहु है, जिसे आमतौर पर अशुभ ग्रहों की श्रेणी में रखा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राहु एक तमसिक असुर है और इसे उत्तर चंद्र बिंदु या आरोही चंद्र बिंदु का स्वामी माना जाता है। राहु को नाग स्वरूप और राक्षसी प्रवृत्ति का प्रतीक भी कहा गया है।

ज्योतिष के अनुसार राहु एक छाया ग्रह है। छाया होने के कारण इसका प्रभाव मन, सोच और व्यवहार पर गहरा पड़ता है। राहु के मुख्य गुण रोग, ऋण और शत्रुता माने गए हैं। वहीं दूसरी ओर राहु के प्रभाव में आने वाले लोग साहसी, निडर और आत्मविश्वास से भरपूर होते हैं। इन्हीं कारणों से कलियुग में राहु का प्रभाव विशेष रूप से बढ़ा हुआ माना जाता है।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यदि कुंडली में राहु कमजोर होता है, तो जीवन में इसके कई नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि कुंडली में कमजोर राहु होने के लक्षण क्या हैं और इसे संतुलित करने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं। 

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राहु के अशुभ होने के लक्षण - फोटो : adobe stock
राहु के अशुभ होने के लक्षण
  • राहु की किसी भी ग्रह के साथ युति को चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
  • सूर्य और राहु की युति से पितृ दोष का निर्माण होता है।
  • शनि और राहु की युति से श्रापित दोष बनता है।
  • चंद्रमा और राहु की युति से ग्रहण दोष माना जाता है।
  • गुरु और राहु की युति से गुरु चांडाल योग बनता है।
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राहु के अशुभ होने के लक्षण - फोटो : adobe stock
  • शुक्र और राहु की युति से पातक दोष का योग माना गया है।
  • राहु के अशुभ प्रभाव से पेट संबंधी रोग और सिरदर्द की समस्या हो सकती है।
  • मानसिक भ्रम, आत्मविश्वास की कमी और रिश्तों में तनाव बढ़ता है।
  • आर्थिक नुकसान, क्रोध की अधिकता और वाणी में कठोरता देखी जाती है।
  • वाहन दुर्घटना, अपयश और अच्छे मित्रों की कमी जैसी परेशानियां सामने आती हैं।

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राहु को शांत करने के उपाय - फोटो : Amar Ujala
राहु को शांत करने के उपाय
  • रोज योग और ध्यान करने से मन स्थिर रहता है और राहु के प्रभाव संतुलित होते हैं।
  • प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा करना और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप लाभकारी माना जाता है।
  • भैरव नाथ के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना राहु दोष शांति में सहायक है।
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राहु को शांत करने के उपाय - फोटो : adobe stock
  • हनुमान जी की आराधना और हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ फल देता है।
  • विवाहित व्यक्ति को ससुराल पक्ष के साथ मधुर संबंध बनाए रखने चाहिए।
  • नशीले पदार्थों से दूरी बनाना आवश्यक माना गया है।
  • सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करना राहु के नकारात्मक प्रभावों से बचाता है।

 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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