वर्ष 2014 के आम चुनावों में मोदी लहर में प्रमुख राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस के साथ-साथ उत्तर भारत के कई बड़े क्षेत्रीय नेताओं की राजनीतिक साख बुरी तरह से डूब गयी थी। किन्तु इसके अगले ही वर्ष हुए दिल्ली विधान सभा चुनाव में केजरीवाल इसके बाद बिहार विधान सभा चुनाव में लालू-नितीश ने भाजपा के विजय रथ को सफलता पूर्वक रोककर भारत की राजनीति में विपक्ष को मजबूत बनाने का काम किया जो एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरुरी भी है।
दूसरी ओर भूमि अधिग्रहण बिल और अब नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष ने मोदी सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। इस उथल पुथल भरी राजनीति के बीच 2017 में राजनीति की स्थिति पर ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखने पर ज्ञात होता है कि साल 2017 राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मायावती, अरविंद केजरीवाल और शीला दीक्षित सरीखे राजनेताओं के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।
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राहुल गांध्ाी के लिए साल 2017
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राहुल गांधी
- फोटो : amar ujala
19 जून 1970 को तुला लग्न में जन्मे राहुल गाँधी मंगल में शुक्र की महत्वपूर्ण विंशोत्तरी दशा में रहेंगे। इस दशा के प्रभाव से मार्च के बाद से उनके मान-सम्मान में वृद्धि होगी और देश की राजनीति में उनकी बातों को बहुत ही गंभीरता से लिया जाएगा। किन्तु इससे पहले जन्म नक्षत्र पर चल रहे शनि के कारण फरवरी-मार्च का समय उनके लिए बेहद कठिन होगा। उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा के विधान सभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन आशा के अनुरूप नहीं रहेगा। लेकिन इनकी राजनीतिक साख मजबूत होगी।
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अखिलेश यादव के लिए साल 2017
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
1 जुलाई 1973 को कन्या लग्न में जन्मे अखिलेश यादव इस समय बुध में शनि की विंशोत्तरी दशा में चल रहे हैं। कुंडली में शनि-मंगल के केंद्रीय प्रभाव के कारण उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में उनको झटका लग सकता है। चतुर्थ भाव में धनु राशि में आकर शनि उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी को हिला सकता है। चुनावों में अच्छा परिणाम नहीं आने से उनकी पार्टी में आंतरिक कलह और बढ़ेगा जिससे उनकी स्थिति बेहद कमजोर होगी। साल के मध्य में शुरू होने वाली केतु की माहदशा उनके राजनीतिक करियर को बुरी तरह से प्रभावित करेगी।
मायावती के लिए साल 2017
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‘चेहरे के नूर’ पर मोदी-शाह पर भड़कीं मायावती
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15 जनवरी 1956 को जन्मी बसपा प्रमुख मायावती की कुंडली मकर लग्न की है। नवमेश बुध की शुभ विंशोत्तरी दशा में चल रही मायावती के भाग्य का सितारा एक बार फिर से बुलंदी को छू सकता है। चंद्र राशि मकर से प्रभावित मायावती को शनि की साढेसाती उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की बड़ी जिम्मेदारी सौंप दे तो कोई बड़ी बात नहीं। मायावती की कुंडली में बन रहा बुध-चंद्रमा का राजयोग उनको एक बार फिर से प्रदेश की सत्ता की ओर ले जा सकता है। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों में मायावती की पार्टी बसपा की जीत भारत की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत बन कर उभर सकती है।
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अरविंद केजरीवाल के लिए साल 2017
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अरविंद केजरीवाल
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16 अगस्त 1968 को सिंह लग्न और मेष राशि में जन्मे अरविन्द केजरीवाल के लिए साल 2017 बड़ी सफलता लेकर आएगा। पिछले ढाई वर्षो से कंटक शनि के कारण कष्ट में चल रहे केजरीवाल और उनकी पार्टी को धनु में आ रहे शनि बड़ी राहत देंगे। गुरु में शुक्र की शुभ विंशोत्तरी दशा में चल रहे केजरीवाल को पंजाब और गोवा के विधान सभा चुनावों में बड़ी सफलता मिल सकती है। सिंह लग्न में जन्मे केजरीवाल की कुंडली में गुरु, बुध और शुक्र लग्न में स्थित होकर एक बड़ा राजयोग निर्मित कर रहे हैं। इस योग के प्रभाव से साल 2017 में उनका मान-सम्मान तेज़ी से बढेगा और विधान सभा चुनावों में उनकी पार्टी को बड़ी सफलता प्राप्त होगी।
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शीला दीक्षित के लिए साल 2017
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शीला दीक्षित
31 मार्च 1938 को जन्मी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की कुंडली कर्क लग्न की है। शीला दीक्षित को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों की कमान सौप रखी है। सूबे में हुए पिछले चुनावों में कांग्रेस को मात्र 22 सीट से संतोष करना पड़ा था। इस बार भी स्थिति कुछ अधिक बेहतर होने की उम्मीद नहीं दिखती है क्योंकि शीला दीक्षित की कुंडली में वर्तमान में राहु-गुरु की साधारण दशा चल रही है। गुरु उनकी कुंडली में नीच का होकर सप्तम भाव में बैठा है जो की उनकी सेहत में कुछ गिरावट का संकेत दे रहा है। ख़राब स्वास्थ्य के चलते शीला दीक्षित उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के लिए अधिक काम नहीं कर पाएंगी जिस कारण चुनावों में परिणाम भी संतोषजनक नही रहेगा।
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हरीश रावत के लिए साल 2017 रहेगा भाग्यशाली
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हरीश रावत
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27 अप्रैल 1947 को जन्मे उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत का जन्म लग्न कर्क तथा चंद्र राशि भी कर्क है। चंद्रमा में राहु की विंशोत्तरी दशा में चल रहे हरीश रावत उत्तराखंड में फिर से सत्ता में वापसी कर सकते हैं। चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में होकर लग्न में स्थित है तथा राहु एकादश भाव में वृष राशि में बैठे हुए हैं। दोनों दशानाथ ग्रहों के परस्पर तृतीय एकादश की शुभ स्थिति हरीश रावत को उत्तराखंड विधान सभा चुनाव में बड़ी कामयाबी मिलने के ज्योतिषीय संकेत दे रहे हैं।
वारुण गांधी पर भारी रहेगी साल की अंतिम छमाही
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वरुण गांधी
- फोटो : amar ujala
13 मार्च 1980 को जन्मे वरुण गांधी की कुंडली तुला लग्न की हैl वरुण गांधी की चंद्र राशि मकर है जिस पर आगामी 26 जनवरी को धनु में आ रहे शनि साढ़ेसाती की शुरुआत करेंगे। गुरु में बुध की विंशोत्तरी दशा में चल रहे वरुण गांधी को अपनी पार्टी भाजपा में कोई महत्वपूर्ण पद प्राप्त हो सकता है। जून से शुरू हो रही केतु की अंतर्दशा के कारण वह विवादों में फंस सकते हैं। साल की आखरी छमाही वरुण गांधी पर भारी पड़ेगी।
प्रकाश सिंह बादल पर शनि रहेंगे भारी, होगा नुकसान
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प्रकाश सिंह बादल
8 दिसंबर 1927 को जन्मे प्रकाश सिंह बादल की चंद्र राशि वृषभ है। वह इस समय पंजाब के मुख्यमंत्री और आकली दल के मुखिया हैं। उनकी जन्म राशि वृषभ पर शनि की ढैया का प्रभाव 26 जनवरी से शुरू हो जायेगा। उनकी पार्टी आकली दल की स्थापना 14 दिसंबर 1920 को कुंभ लग्न और मकर राशि में हुई थी। आकली दल पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव वर्ष 2017 में शुरू होगा। प्रकाश सिंह बादल और अकाली दल दोनों की कुंडली में चल रहा शनि का अशुभ गोचर पंजाब की राजनीति में बड़े बदलाव लेकर आएगा। आकली दल की पंजाब विधान सभा चुनावों में बुरी हार बादल परिवार और भाजपा दोनों के लिए मुसीबत का कारण बन सकती है।
17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे नरेंद्र मोदी का लग्न और राशि वृश्चिक है। इस समय यह साढ़ेसाती के प्रभाव में चल रहे हैं। 25 जनवरी 2017 को जब शनि धनु राशि में प्रवेश कर प्रधानमंत्री मोदी के जन्म चंद्र पर से अपना प्रभाव हटा लेंगे तब उनकी कार्यशैली में आक्रामकता कम होने लगेगी। प्रधानमंत्री मोदी की वर्ष कुंडली के अनुसार विदेशों में उनके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। तुला लग्न की उनकी वर्ष कुंडली के अनुसार विदेशी मंच पर प्रधानमंत्री मोदी को आगामी एक वर्ष में कोई बड़ा सम्मान या पुरस्कार मिल सकता है। इसके साथ-साथ घरेलू राजनीति में प्रधानमंत्री मोदी के लिए आगामी एक वर्ष मिला-जुला रहने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश चुनाव में जहां भाजपा अच्छी सीटें हासिल कस सकती है वहीं लेकिन पंजाब और गोवा में उनको नुकसान हो सकता है।
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