अभिमन्यु की मृत्यु और अर्जुन की प्रतिज्ञा
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अभिमन्यु की मृत्यु और अर्जुन की प्रतिज्ञा
महाभारत युद्ध में अभिमन्यु ने द्रोणाचार्य द्वारा रचित चक्रव्यूह में प्रवेश किया। उसे प्रवेश करना तो आता था, लेकिन निकलना नहीं आता था। जब अर्जुन अपने पुत्र की सहायता के लिए बढ़े, तो जयद्रथ ने उन्हें रोककर युद्ध में उलझा दिया। इस बीच अभिमन्यु कौरवों के हाथों मारा गया। इसे अपना व्यक्तिगत अपमान और पुत्रवध का कारण मानकर अर्जुन ने प्रतिज्ञा ली कि अगले दिन सूर्यास्त से पहले वह जयद्रथ का वध करेंगे, अन्यथा अग्नि में प्रवेश कर अपने प्राण त्याग देंगे।