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इस महीने राहु समेत सात ग्रह बदलेंगे अपनी चाल, पांच राशियों के लिए शुभ संकेत

Tue, 01 Sep 2020 12:43 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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planets transit: सितंबर महीने में कुल मिलाकर सात ग्रहों की स्थितियों में बड़ा फेरबदल होने वाला है। - फोटो : अमर उजाला
अंग्रेजी कैलेंडर का नया महीना सितंबर शुरू हो चुका है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस महीने में कई ग्रहों में बदलाव देखने को मिलेगा। सितंबर के महीने में कुल मिलाकर सात ग्रहों की स्थितियों में बड़ा फेरबदल होने वाला है। इसमें से कुछ ग्रह अपनी राशि बदलकर दूसरी राशि में जाएंगे तो कुछ वक्री और मार्गी होंगे। इस महीने में सबसे बड़ा राशि परिवर्तन राहु और केतु का होगा। ज्योतिष गणना के मुताबिक सितंबर महीने में बुध, गुरु, सूर्य, मंगल, शुक्र और राहु-केतु अपनी राशि बदलने वाले हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जब-जब ग्रहों का राशि परिवर्तन होता है तब-तब इसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर शुभ-अशुभ दोनों तरह का प्रभाव देखने को मिलता है। आइए जानते हैं बड़े ग्रहों का आप पर कितना प्रभाव पड़ेगा।






 

 
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sun transit 2020
कन्या राशि में सूर्य का राशि परिवर्तन-16 सितंबर
16 सितंबर को सभी ग्रहों के राजा और प्रत्यक्ष देवता सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी किसी की कुंडली में सूर्य प्रबल होता है तो उसे मान-सम्मान और नौकरी में तरक्की मिलती है। ऐसे में जिन जातकों की कुंडली में सूर्य मजबूत होगा उनके लिए समय शुभ और लाभ प्राप्ति का योग बनेगा। सूर्य हर महीने एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं।
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mars transit 2020
मंगल होंगे वक्री-10 सितंबर
ग्रहों के सेनापति, धरती पुत्र और स्वभाव से उग्र माने जाने वाले मंगल ग्रह स्वयं की राशि में मेष में 10 सितंबर से वक्री चाल से चलना आरंभ करेंगे। वक्री चाल का मतलब उल्टी चाल चलना होता है। कोई भी ग्रह जब उल्टी चाल चलता है तो इसे शुभ नहीं माना जाता है। मंगल को क्रूर ग्रह का दर्जा प्राप्त है ऐसे में 10 सितंबर को मंगल की व्रकी चाल से कुछ राशियों के जातकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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mercury transit
बुध का कन्या राशि में गोचर- 3 सितंबर
ग्रहों में युवराज कहे जाने वाले बुध सिंह राशि की यात्रा समाप्त करके 3 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 02 मिनट पर अपनी स्वयं की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। बुध का कन्या राशि में गोचर कुछ राशियों के लिए शुभफलदायक साबित होने वाला होगा।
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गुरु ग्रह
गुरु होंगे मार्गी- 13 सितंबर
सबसे शुभ फल देने वाले गुरु ग्रह 13 सितंबर को अपनी ही राशि धनु में मार्गी होने वाले हैं। गुरु के मार्गी होने से कई राशियों के जीवन में शुभ बदलाव आने के संकेत हैं। धनु और मीन राशि के स्वामी बृहस्पति कर्क राशि में उच्च तथा मकर राशि में नीचराशिगत माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का पृथ्वी वासियों पर प्रत्यक्ष प्रभाव दिखाई देता है।
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venus transit
शुक्र का राशि परिवर्तन- 1 सितंबर
सितंबर महीने के पहले ही दिन शुक्र ने अपनी राशि बदल ली है। सुख और संपन्नता का कारक ग्रह शुक्र होता है। मिथुन राशि की यात्रा समाप्त करके कर्क राशि में प्रवेश किया है। इस राशि के स्वामी चंद्रमा है जो शुक्र समभाव रखते हैं से न शत्रुता न मित्रता। शुक्र उन्हें अपने शत्रु मानते हैं इसलिए कर्क राशि में शुक्र के प्रवेश का फलित ज्योतिष पर गहरा प्रभाव पड़ता है | इस राशि में शुक्र हमेशा अपने आप को असहज महसूस करते हैं। ये वृषभ एवं तुला राशि के स्वामी हैं। कन्या राशि में नीचराशिगत तथा मीन राशि में उच्च राशिगत होते हैं।
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राहु-केतु का राशि परिवर्तन 2020
महीने का सबसे बड़ा ग्रह परिवर्तन राहु- 23 सितंबर 
ज्योतिशास्त्र में राहु को क्रूर ग्रह माना गया है। जब-जब राहु का राशि परिवर्तन होता है तब तब  सभी राशियों के जातकों पर इसका प्रभाव गहरा होता है। राहू व्यक्ति की चेतना को भ्रमित कर देता है। 23 सितंबर को राहु वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। राहु के राशि बदलने पर शुभ और अशुभ दोनों तरह प्रभाव देखने को मिलता है।

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rahu ketu
केतु का राशि परिवर्तन
राहु की भांति ही केतु को भी क्रूर ग्रह माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि केतु ऐसा ग्रह है जो अगर किसी व्यक्ति पर मेहरबान हो जाए तो उसे राजा की भांति वैभव प्रदान कर देता है। लेकिन वहीं अगर कुंडली में केतु अशुभ भाव में जाकर बैठा गया है तब वह व्यक्ति को कंगाल भी कर देता है। 23 सितंबर को केतु धनु राशि को छोडकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा।

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मकर राशि में शनि
शनि 
सबसे धीमी चाल चलने वाला ग्रह शनि ही होता है। यह करीब ढाई साल में अपनी राशि बदलता है। शनि एक राशि में दोबारा आने के लिए 30 साल तक का समय लेता है। शनि अभी मकर राशि में है। 
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astrology
सभी राशियों पर शुभ अशुभ प्रभाव
शुभ- मेष, मिथुन, कर्क, मीन और धनु
अशुभ- तुला, वृष और कन्या
बाकी राशियों पर इन सात ग्रहों का परिवर्तन मिला जुला प्रभाव देखने को मिलेगा
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