27 फरवरी को कुंभ राशि में दो प्रमुख ग्रहों की युति से विष योग का निर्माण होने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में विष योग को बहुत ही अशुभ योग माना जाता है। आपको बता दें कि ग्रह एक निश्चित अंतराल पर एक से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। ग्रहों के अलग-अलग समय प गोचर करने से शुभ और अशुभ दोनों ही तरह के योग बनते हैं। 27 फरवरी को बनने वाला यह योग शनि और चंद्रमा की युति से बनेगा। शनि जहां ढाई वर्षों में अपनी राशि बदलते हैं तो वहीं चंद्रमा हर ढाई दिन में राशि परिवर्तन करते हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद चाल से चलते तो वहीं चंद्रमा सबसे तेज चाल से गोचर करते हैं। आपको बता दें चंद्रमा 27 फरवरी को कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं वहीं शनि पहले से ही कुंभ राशि में हैं। इस तरह से कुंभ राशि में चंद्रमा-शनि की युति होगी। यह युति अशुभ मानी जाती है ऐसे में इस योग से तीन राशि वालों को ज्यादा सतर्क रहने की जररूत है। आइए जानते हैं चंद्रमा-शनि की युति से किन-किन राशि वालों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी।