खरमास 2024
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इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर एक तांबे के पात्र में जल, लाल पुष्प, गुड़, रोली और अक्षत लेकर सूर्य को अर्घ्य दें। इसके बाद “ॐ सूर्याय नमः” जैसे मंत्रों का उच्चारण करें। साथ ही सूर्य चालीसा या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ भी किया जा सकता है। पूजा के स्थान को दीप, धूप और पुष्पों से सजाएं और सूर्य देव को भोग लगाकर प्रसाद सभी में बांटें।