ग्रहों में युवराज कहे जाने वाले बुध सिंह राशि की यात्रा समाप्त करके 3 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 02 मिनट पर अपनी स्वयं की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। कन्या राशि में ये 22 सितंबर की सायं 6 बजकर 54 मिनट तक रहेंगे, उसके बाद तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस तरह से जिन जातकों की राशियों अथवा जन्म कुंडलियों के अनुसार बुध केंद्रगत रहेंगे उनके लिए पंच महापुरुष योगों में से एक भद्र योग का निर्माण करेंगे। इसी योग के प्रभावस्वरूप जातक अत्यंत विनम्र, विवेकशील, कुशल वक्ता, अपनी अलग पहचान बनाने वाला, तर्कशास्त्री, कानूनविद, शिक्षक, लेखक, प्रकाशक, बैंकिंग एवं बीमा क्षेत्र में काम करने वाला कुशल प्रशासक होता है। वह जहां भी जाता है जनमानस को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। उसकी शारीरिक बनावट और सौम्यता के सभी कायल रहते हैं। मिथुन एवं कन्या राशि के स्वामी बुध मीन राशि में नीच राशिगत एवं कन्या राशि में उच्चराशिगत माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का सभी बारह राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण...