बुध उदय 2025
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ग्रह कब होते हैं उदय या अस्त
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों का उदय और अस्त उनके सूर्य के साथ सापेक्ष स्थिति पर निर्भर करते हैं। जब ग्रह सूर्य के करीब होते हैं, तो वे अस्त हो जाते हैं, और जब ये सूर्य से दूर होते हैं, तो उदय होते हैं। अस्त ग्रह का प्रभाव कमजोर होता है, जिससे जीवन में रुकावटें और समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वहीं, उदित ग्रह का प्रभाव अधिक सकारात्मक होता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में सफलता, समृद्धि और अच्छे अवसर आते हैं। उदय के समय ग्रह अपनी पूरी शक्ति से कार्य करते हैं, जिससे निर्णय लेने में मदद मिलती है और पुराने अटके कार्य पूर्ण होते हैं। इस प्रकार, ग्रहों का अस्त और उदय जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव लाता है, जो हमारे कार्यों और भविष्य पर असर डालता है।