ग्रहों में युवराज कहे जाने वाले बुध 23 जून की प्रातः 3 बजकर 27 मिनट पर वृषभ राशि में गोचर करते हुए मार्गी हो रहे हैं। इससे पहले ये 26 मई को मिथुन राशि में प्रवेश किए थे और 30 मई को वक्री होकर पुनः 3 जून को वृषभ राशि में प्रवेश कर गए थे। इसी राशि पर मार्गी अवस्था में ये 7 जुलाई को दोपहर 11 बजकर 2 मिनट तक विचरण करेंगे उसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश जाएंगे जहां 25 जुलाई को 11 बजकर 38 मिनट तक भ्रमण करेंगे, उसके बाद कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी होते हैं। मीन राशि में नीच राशिगत और कन्या राशि में उच्च राशिगत में कहे गए हैं। सभी 27 नक्षत्रों में बुध ग्रह को अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र का स्वामित्व प्राप्त है। इनके मार्गी होने का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।