मंगल जो साहस और पराक्रम के कारक ग्रह हैं, वे अब कर्क राशि में गोचर कर चुके हैं। बीते 18 सिंतबर को मंगल मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर चुक हैं। मंगल का कर्क राशि में गोचर ज्योतिषीय नजरिए से बहुत ही खास और महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगल के कर्क राशि में गोचर करने से गुरु के साथ युति भी हो चुकी है और यह युति 24 साल बाद दोबारा से बनी है जब मंगल और गुरु दोनों ही कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं। कर्क राशि में मंगल नीच के होते हैं जबकि वहीं कर्क राशि में गुरु उच्च के हो जाते हैं। जिसका प्रभाव सभी राशियों के ऊपर आने वाले समय में देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं मंगल का कर्क राशि में गोचर और गुरु संग युति होने से मेष, वृषभ और मिथुन राशि पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।
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मेष राशि
- फोटो : amar ujala
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर चौथे भाव में हुआ है।
कुंडली का चौथा भाव सुख, संपत्ति, भवन और माता से संबंधित होता है। जिससे इस पर सकारात्मक असर रहेगा।
इस दौरान आपके खर्चों में अचानक से वृद्धि हो सकती है और किसी तरह के निर्णय लेने में अति आत्मविश्वास से बचना होगा।
लेन-देन के मामलों में आपको बहुत ही संभलकर चलना होगा।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।