Mangal Vakri 2025: ज्योतिष में जहां सूर्य को ग्रहों का राजा और शनि को न्यायाधीश का स्थान प्राप्त है, वहीं मंगल को ग्रहों का सेनापति कहा जाता है, वह साहस, ऊर्जा, उत्साह और पराक्रम के कारक है। कुंडली में उनकी स्थिति का जातक के जीवन पर खास प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष मान्यता है कि कुंडली में मंगल की स्थिति मजबूत होने पर जातक को जीवन में सफलता, स्वास्थ्य और खुशहाली की प्राप्ति होती हैं, साथ ही मंगल के शुभ प्रभाव से व्यक्ति हमेशा ऊर्जावान महसूस करता है।
कहते हैं कि जब भी मंगल ग्रह अपने स्थान में परिवर्तन करते हैं, तो सभी 12 राशियों पर इसका शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ता है। वर्तमान में मंगल कर्क राशि में मौजूद है और वह 21 जनवरी 2025 को कर्क राशि से उल्टी चाल चलते हुए मिथुन राशि में एंट्री लेंगे। ज्योतिषियों की मानें, तो मंगल का वक्री होना कुछ राशि वालों की समस्याएं बढ़ा सकता है, इन जातकों को नौकरी, व्यापार और करियर में कई चुनौतियां मिल सकती हैं, ऐसे में आइए इन राशियों के बारे में जानते हैं।