खप्पर योग तब बनता है जब मंगल ग्रह सूर्य के नक्षत्र में प्रवेश करता है।
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खप्पर योग क्या है और कैसे बनता है?
खप्पर योग वैदिक ज्योतिष का एक अत्यंत अशुभ और उग्र प्रभाव वाला योग है, जो तब बनता है जब मंगल और सूर्य ग्रह एक विशेष खगोलीय स्थिति में आते हैं। यह योग जीवन में तनाव, संघर्ष, हानि और विनाशकारी घटनाओं का सूचक माना जाता है। खप्पर योग तब बनता है जब मंगल ग्रह सूर्य के नक्षत्र (जैसे- उत्तर फाल्गुनी, कृतिका, उत्तराषाढ़) में प्रवेश करता है या सूर्य के घर यानी सिंह राशि में मंगल का गोचर होता है। इस योग में सूर्य और मंगल की युति या एक-दूसरे के नक्षत्र पर प्रभाव से तेज, आक्रामक और संघर्षपूर्ण ऊर्जा पैदा होती है। यह ऊर्जा नियंत्रित न होने पर खराब निर्णय, विवाद, दुर्घटनाएं और रिश्तों में टकराव का कारण बन सकती है।