ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की युति से बनने वाले योगों का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक है लक्ष्मी नारायण योग, जिसे धन, सुख-सुविधाओं और सफलता से जोड़कर देखा जाता है। जब बुध और शुक्र एक ही राशि में आकर साथ स्थित होते हैं, तब इस योग का निर्माण माना जाता है। बुध को बुद्धि, तर्क और वाणी का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र धन, ऐश्वर्य और भौतिक सुखों से संबंधित ग्रह हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों का साथ कई क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार 26 सितंबर को, गणेश विसर्जन के अगले दिन, तुला राशि में लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होगा, जो 6 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर से जुड़े मामलों में अनुकूल परिस्थितियां बनने की मान्यता है। आइए जानते हैं किन 3 राशियों के लिए यह अवधि खास रह सकती है।