प्राणियों के जीवन में उतार-चढ़ाव लाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले महान ग्रह केतु 30 अक्तूबर की शाम 5 बजकर 30 मिनट पर तुला राशि की यात्रा समाप्त करके कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 18 मई 2025 तक गोचर करेंगे उसके बाद सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे। कन्या राशि पर इनके गोचरकाल का अन्य सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
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मेष राशि
राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए केतु का प्रभाव बेहतरीन सफलता दिलाएगा। वर्ष पर्यंत गुप्त शत्रु परास्त होंगे। कोर्ट कचहरी के मामलों में भी निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत हैं। ननिहाल पक्ष से अप्रिय समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक कर्ज उधार के रूप में न दें अन्यथा आर्थिक हानि का सामना करना पड़ेगा। यात्राओं की अधिकता रहेगी। अपव्यय से बचें।
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वृषभ राशि
राशि से पंचम विद्या भाव में गोचर करते हुए केतु का प्रभाव गूढ़ विद्याओं का जानकार बनाएगा। शिक्षा-प्रतियोगिता में तो आशा अतीत सफलता मिलेगी किंतु, प्रेम संबंधी मामलों में उदासीनता का माहौल रहेगा। प्रेम विवाह भी करना चाह रहे हों तो उसमें बहुत ज्यादा सफलता नहीं मिलने वाली इसलिए बेहतर रहेगा कि कार्य के प्रति चिंतनशील रहें। संतान संबंधी चिंता परेशान कर सकती है। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति और प्रादुर्भाव के भी योग बन रहे हैं। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से मतभेद बढ़ने न दें।
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मिथुन राशि
राशि से चतुर्थ सुख भाव में गोचर करते हुए केतु का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है। जमीन-जायदाद संबंधी मामले हल होंगे फिर भी किसी न किसी कारण से पारिवारिक कलह और मानसिक अशांति का सामना करना ही पड़ेगा। मित्रों और संबंधियों से भी अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग हैं। यात्रा सावधानीपूर्वक करें। वाहन दुर्घटना से बचें और सामान चोरी होने से भी बचाएं। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे।
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कर्क राशि
राशि से तृतीय पराक्रम भाव में गोचर करते हुए केतु का प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अपने अदम्य साहस और पराक्रम के बल पर कठिन परिस्थितियों पर भी आसानी से विजय प्राप्त कर लेंगे। धर्म और आध्यात्म में अधिक रुचि रहेगी। धार्मिक ट्रस्टों और अनाथालय आदि में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगें। दान पुण्य करेंगे। विशेष सलाह है कि किसी को भी अपनी रणनीतियां तब तक न बताएं जब तक कि वह पूर्ण न हो जाएं। परिवार में छोटे भाइयों से मतभेद बढ़ने न दें।
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सिंह राशि
राशि से द्वितीय धन भाव में गोचर करते हुए केतु का प्रभाव आर्थिक उतार चढ़ाव का सामना तो करवाएगा ही, कहीं न कहीं पारिवारिक कलह और मानसिक अशांति भी रहेगी। पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद और गहरा सकता है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और कोई भी कार्य जब तक पूर्ण न हो जाए उसे सार्वजनिक न करें। कोर्ट-कचहरी के मामले बाहर ही सुलझा लेना समझदारी रहेगी। कार्यक्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। बेहतर रहेगा कार्य संपन्न करें और सीधे घर आएं।
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कन्या राशि
आपकी राशि पर गोचर करते हुए केतु का प्रभाव काफी अप्रत्याशित परिणाम वाला रहेगा। यद्यपि आपके द्वारा लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना होगी फिर भी कहीं-कहीं अपयश का भागीदार होना ही पड़ेगा। विद्यार्थियों और प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए और प्रयास करने होंगे। यात्रा में चोट लगने से हमेशा सावधान रहने की आवश्यकता है। यात्राओं के समय इंफेक्शन से बचें और स्वास्थ्य के प्रति अधिक चिंतनशील रहें।
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तुला राशि
राशि से बाहरवें व्यय भाव में गोचर करते हुए केतु का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता किंतु कार्यक्षेत्र में स्थान परिवर्तन हेतु प्रयास करना चाह रहे हों तो यह गोचारकाल उत्तम रहेगा। विदेशी कंपनियों में सर्विश अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास भी सफल रहेगा। किसी अन्य देश के लिए वीजा का आवेदन करना चाहें तो उस दृष्टि से भी ग्रहफल अनुकूल रहेगा। दांपत्य जीवन में कड़वाहट न आने दें। यात्रा-देशाटन का लाभ मिलेगा। आध्यात्मिक उन्नति भी होगी।
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वृश्चिक राशि
राशि से एकादश लाभ भाव में गोचर करते हुए केतु का प्रभाव बेहतरीन सफलता दिलाएगा। जो भी नया कार्य आरंभ करना चाहेंगे उसी में सफलता मिलेगी। सोची समझी सभी रणनीतियां कारगर सिद्ध होंगी। आय के साधन तो बढ़ेगा ही काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद है। जो लोग आपको नीचा दिखाने की कोशिश में लगे थे वही मदद के लिए आगे आएंगे। देखा जाए तो वर्ष पर्यंत ग्रह-गोचर पूर्णरूप से आपकी मदद करेगा। प्रतीक्षित परिणाम सफलता दायक रहेंगे।
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धनु राशि
राशि से दशम कर्मभाव में गोचर करते हुए केतु मानो आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए आए हैं। इसलिए संघर्षों के बावजूद आप सफलता दर सफलता हासिल करेंगे। जमीन-जायदाद संबंधी मामले हल होंगे। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में टेंडर आदि के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से केतु आपके लिए वरदान की तरह सिद्ध होंगे। चुनाव संबंधी कोई निर्णय लेना चाह रहे हों तो उसमें भी सफलता मिलेगी। नौकरी में भी पदोन्नति और सम्मान वृद्धि के योग बन रहे हैं।
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मकर राशि
राशि से नवम भाग्यभाव में गोचर करते हुए केतु का प्रभाव आपके लिए धर्म और आध्यात्म के प्रति नई ऊर्जा प्रदान करेगा। सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी। लिए गए निर्णय और कार्यों की सराहना होगी। अपनी जिद और आवेश को नियंत्रित रखते हुए कार्य करेंगे तो और अधिक सफल रहेंगे। कई बार देखा गया है कि कुछ कार्य में बाधाएं आती हैं किंतु हताश न हो, सफलता आपको ही मिलेगी। परिवार में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा जिससे माहौल खुशनुमा रहेगा।
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कुंभ राशि
राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए केतु का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता इसलिए जब तक केतु इस भाव में गोचर करेंगे आपको हर कार्य तथा निर्णय बहुत सावधानी पूर्वक करने की आवश्यकता है। किसी पर भी अधिक विश्वास करेंगे तो हानि का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में भी जमानत देने से परहेज करें। इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा आर्थिक हानि का सामना करना पड़ेगा। यात्रा सावधानीपूर्वक करें दुर्घटना से बचें।
मीन राशि
राशि से सप्तम दांपत्य भाव में गोचर करते हुए केतु का प्रभाव मिलाजुला रहेगा। विवाह संबंधी वार्ता में थोड़ा और समय लगेगा। दांपत्य जीवन में कड़वाहट न आने दें। ससुराल पक्ष से भी रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है इसलिए इन सबके प्रति सावधानी बरतें। भावनाओं में बहकर लिया गया निर्णय नुकसानदेय सिद्ध हो सकता है। साझा व्यापार करने से बचें। चुनाव से संबंधित कोई निर्णय लेना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से ग्रह स्थिति और अनुकूल रहेगी स्वास्थ्य के प्रति भी सावधानी बरतें।