Shani Rahu Ketu Puja
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शनि देव की पूजा से मिलेगी बाधाओं से मुक्ति
ज्येष्ठ माह में शनि देव की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है, क्योंकि इसी माह शनि जयंती भी आती है। खासकर जिन लोगों की कुंडली में साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव चल रहा है, उन्हें इस माह में शनि देव की पूजा विधिपूर्वक करनी चाहिए। इससे जीवन में आ रही रुकावटें दूर हो सकती हैं और परेशानियों से राहत मिल सकती है। शनिवार के दिन प्रातःकाल स्नान कर नीले वस्त्र धारण करें। शनि देव की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराएं, फिर शुद्ध जल से अभिषेक करें। इसके बाद सरसों के तेल से अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है। शनि देव को काले तिल, काले चने, गुड़ से बने पकवान या इमरती का भोग अर्पित करें। पूजा के समय "ॐ शं शनैश्चराय नमः" और "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" मंत्रों का जाप करें और अंत में शनि आरती करें।