फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरु की उल्टी चाल: 120 दिनों तक कुंभ राशि में वक्री रहेंगे बृहस्पति, जानें मेष राशि पर प्रभाव

Fri, 18 Jun 2021 07:04 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
guru ka rashi parivartan - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सबसे बड़े और शुभ फल प्रदान करने वाले गुरु ग्रह 20 जून को वक्री हो रहे हैं। ज्योतिष में ग्रहों का गोचर करना, व्रकी और मार्गी होना बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। ग्रहों के राशि परिवर्तन और चाल में बदलाव होने से इसका व्यापक प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। 20 जून को गुरु ग्रह शनि की राशि कुंभ में उल्टी चाल चलना शुरू हो जाएंगे। गुरु की यह चाल 120 दिनों तक रहेंगी। वैदिक ज्योतिष में गुरु सबसे अधिक लाभकारी ग्रह माने गए हैं। यह आध्यात्मिकता, स्वतंत्रता, ज्ञान, गुरु और इनसे मिलते-जिलते गुणों को नियंत्रित करते हैं। ज्योतिष शास्त्र की मान्यता के अनुसार जब शुभ ग्रह वक्री गति से चलें तो उसका परिणाम शुभ ही होता है।
विज्ञापन

2 of 4
guru ka rashi parivartan - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष में गुरु ग्रह 
बृहस्पति को ग्रहों और देवी-देवताओं का गुरु माना गया है। आम धारणा के अनुसार सभी ग्रहों में गुरु शुभ फल देने वाले ग्रह माने गये हैं। देवगुरु बृहस्पति ग्रह एक राशि में लगभग एक वर्ष रहते हैं और 12 राशियों का चक्र पूरा करने में लगभग 13 वर्ष का समय लेते हैं। गुरु ग्रह चार महीने वक्री चाल से राशियों की चक्कर काटते हैं। इन्हें धनु और मीन राशि पर आधिपत्य प्राप्त है यानी धनु और मीन राशि के ये स्वामी ग्रह हैं। गुरु कर्क राशि में उच्च के और मकर राशि में नीच के माने जाते हैं। 
विज्ञापन

3 of 4
jupiter retrograde in aquarius - फोटो : अमर उजाला
गुरु के 20 जून को वक्री होने पर मेष राशि पर प्रभाव
 20 जून को देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि से ग्यारहवें भाव पर वक्री हो रहे हैं जिस कारण से आपकी आर्थिक स्थिति में मजबूती के संकेत हैं। आपको कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल होगी। मान-सम्मान में वृद्धि के योग बनेंगे। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। नौकरी में तरक्की के भी योग बनेंगे।
 
विज्ञापन

4 of 4
गुरु का 2021 में राशि परिवर्तन
मेष राशि और गुरु के उपाय
मेष राशि के इष्ट देव भगवान विष्णु हैं, उनकी आराधना करना आपके लिए काफी लाभ और शांति प्राप्ति होगी। आप विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें