ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सबसे बड़े और शुभ फल प्रदान करने वाले गुरु ग्रह 20 जून को वक्री हो रहे हैं। ज्योतिष में ग्रहों का गोचर करना, व्रकी और मार्गी होना बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। ग्रहों के राशि परिवर्तन और चाल में बदलाव होने से इसका व्यापक प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। 20 जून को गुरु ग्रह शनि की राशि कुंभ में उल्टी चाल चलना शुरू हो जाएंगे। गुरु की यह चाल 120 दिनों तक रहेंगी। वैदिक ज्योतिष में गुरु सबसे अधिक लाभकारी ग्रह माने गए हैं। यह आध्यात्मिकता, स्वतंत्रता, ज्ञान, गुरु और इनसे मिलते-जिलते गुणों को नियंत्रित करते हैं। ज्योतिष शास्त्र की मान्यता के अनुसार जब शुभ ग्रह वक्री गति से चलें तो उसका परिणाम शुभ ही होता है।