6 अप्रैल को भाजपा ने अपनी स्थापना के 36 वर्ष पूर्ण किए हैं। भृगु ज्योतिष की पद्धति के अनुसार 36 वां वर्ष बेहद महत्वपूर्ण तथा बड़े बदलावों को लाने वाला माना जाता है। किसी व्यक्ति, राष्ट्र या संस्था के जन्म के 36 वें वर्ष के आसपास गोचर के राहु और गुरु अपनी जन्मकालीन स्थितियों में पहुंच जाते हैं, जो की बड़ी उथल-पुथल पैदा करने का योग बनाते हैं।
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भाजपा को लगा 36 का आंकड़ा, लग सकता है तगड़ा झटका
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ग्रह नक्षत्र
राहु गोचर में 12 राशियों का भ्रमण पूर्ण करने में 18 वर्ष और 7 महीनें के लगभग समय लेते हैं। गुरु गोचर में 12 राशियों का भ्रमण करने में करीब 12 वर्ष का समय लेते हैं। अतः 35 से 37 वर्ष की आयु के मध्य राहु अपने 18 वर्ष के दो चक्र और गुरु अपने 12 वर्ष के 3 चक्र पूर्ण कर जन्मकालीन स्थिति में एक साथ पहुँच जाते हैं। इसलिए 35 से 37 वर्ष के मध्य का समय हैरतंगेज परिवर्तन लाने वाला होता है।
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भाजपा को लगा 36 का आंकड़ा, लग सकता है तगड़ा झटका
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कांग्रेस
- फोटो : file photo
15 अगस्त 1947 को आजाद हुए भारत के 36 वें वर्ष पूर्ण करने के बाद 1984 में स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार और इंदिरा गांधी की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। 2 जनवरी 1978 को स्थापित हुई कांग्रेस ई, जिसे तब इंदिरा गांधी ने कांग्रेस में विभाजन के बाद बनाया था, के 2014 में 36 वर्ष पूर्ण हुए। इस पार्टी को लोकसभा और विधान-सभा के चुनावों में उस वर्ष करारी शिकस्त मिली जिससे वह अब तक उबर नहीं पाई है। ऐसे अनेक उदाहरण दिए जा सकते हैं जब 35 वें से 37 वें वर्ष के मध्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों या संगठनों को आमूलचूल परिवर्तनों का सामना करना पड़ा।
भाजपा को लगा 36 का आंकड़ा, लग सकता है तगड़ा झटका
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bjp logo
अब 6 अप्रैल 1980 को जन्मी भाजपा के 36 वर्ष पूर्ण होते ही उस पर भृगु के इस राहु-गुरु के दोहरे गोचर की गाज गिरने वाली है। भाजपा की कुंडली में राहु और गुरु सिंह राशि में चांडाल योग का निर्माण कर रहे हैं। गोचर में भी इस समय राहु और गुरु सिंह राशि में एक साथ हैं और यह युति आगामी 11 अगस्त तक रहेगी। अतः 6 अप्रैल से लेकर 11 अगस्त तक का समय इस पार्टी पर बहुत अशुभ रहेगा। इस दौरान भाजपा के बड़े नेता स्कैंडल्स में फंसते नजर आ सकते हैं।
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अमित शाह
- फोटो : PTI
पार्टी के बड़े नेताओं का साथ छूटने से पार्टी को गहरा आघात पहुंच सकता है। पार्टी की वर्ष कुंडली कन्या लग्न की है जिसमें बुध की अष्टम भाव में उपस्थति किसी बड़े अनिष्ट के कारण केंद्रीय नेतृत्व और सरकार के मंत्री मंडल में बदलाव का ज्योतिषीय संकेत दे रही है।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं
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शाह
- फोटो : pti
वर्ष कुंडली में सातवें और बाहरवें भाव के स्वामियों का स्थान परिवर्तन स्टिंग ऑपरेशन, विदेशी साजिश, युद्ध और महिलाओं के कारण पार्टी की छवि को आघात पहुंचने का योग बना रहे हैं। शनि की साढ़ेसती और ढैय्या का सामना कर रहे प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की मुश्किलें अप्रैल से अगस्त के बीच बढ़ सकती है।