Saturn Transit 2023: लोगों की जुबान पर शनि का नाम आते हैं काफी डर जाते हैं क्योंकि शनि को पापी ग्रह माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि शनि की तिरछी नजर जिस किसी पर पड़ती है उसके जीवन में कई तरह की परेशानियां शुरू हो जाती हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह होते हैं क्योंकि यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं फिर उसके बाद ही दूसरी राशि में गोचर करते हैं। आपको बता दें कि शनि मार्च 2023 से अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान है जो इस राशि में साल 2025 तक रहेंगे फिर मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। आम धारणा के विपरीत शनि हमेशा बुरा फल ही देते हैं ऐसा नहीं है बल्कि शनि अगर किसी जातक की कुंडली में शुभ स्थान पर हों तो जातकों की किस्मत भी चमका सकते हैं। शनि के साल 2025 तक कुंभ राशि में विराजमान होने से कुछ राशि वालों के लिए बहुत ही शुभ साबित होंगे। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं वे राशियां।