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कब-कब गलत साबित हुईं भविष्यवाणियां और विश्वास की हुई जीत

Wed, 16 Mar 2016 12:43 PM IST
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रलय के समय की अवधारणा
इन द‌िन ग्रहों की जैसे स्‍थ‌ित‌ि बनी हुई है उसे देखकर कई ज्योत‌‌िषी इस बात की आशंका जता रहे हैं क‌ि अप्रैल से जून के बीच बड़ी प्राकृत‌िक आपदा आ सकती है। देहरादून में आयोज‌ित ज्योत‌िष महाकुंभ में ज्योत‌िषशास्‍त्री लेखराज ने साल के अंत‌िम त‌िमाही में इस तरह की घटना की आशंका जताई है। ज्योत‌िषशास्‍त्री इस तरह की घटना को लेकर इसल‌िए च‌िंता जता रहे हैं क्योंक‌ि इन द‌िनों राहु का सिंह राशि में गुरु से युत‌ि संबंध बना है ज‌िससे गुरू चांडाल योग बना है। मार्च में दो बड़े ग्रहण होंगे, शनि और मंगल का लंबे समय तक वृश्च‌िक में साथ रहेगा। इस पर गोचर में राहु शन‌ि की युत‌ि बन रही है।
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कब-कब गलत साब‌ित हुईं भव‌िष्यवाण‌ियां और व‌िश्वास की हुई जीत

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ग्रह नक्षत्र
ज्योत‌िष‌ियों को यह अंदेशा इसल‌िए है क‌ि क्योंक‌ि इस तरह की ग्रह स्‍थ‌ित‌ि में द्व‌ितीय व‌िश्वयुद्ध के दौरान नागासाकी में परमाणु व‌िस्फोट, 1956 में अरब इजराइल का युद्ध और 1990-91 में खाड़ी युद्ध हुआ था। इसल‌िए प्राकृत‌िक आपदा के साथ तृतीय व‌िश्व युद्ध की भी आशांका जताई जा रही है। हमारे सामने दुन‌िया खत्‍म होने की कई भव‌िष्यवाण‌ियों की सूच‌ी है जो गलत साब‌ित हुई ऐसे में भव‌िष्यवाणी से च‌िंत‌ित होना क‌ितना उच‌ित है यह तय करने से पहले उन भव‌िष्यवाण‌ियों पर नजर डाल लीज‌िए जो गलत साब‌ित हो चुकी है।
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माया कैलेंडर 21 द‌िसंबर 2012 से आगे की ‌गणना नहीं द‌िखाता है इसल‌िए 21 द‌िसंबर 2012 को दुन‌िया खत्म हो जाएगी ऐसी भव‌िष्यवाणी सामने आ रही थी। 21 द‌िसंबर के द‌िन कई लोगों ने बेचैनी और घबराहट में काटी और जब सब कुछ सामान्य रहा तो लोगों ने राहत की सांस ली क्योंक‌ि माया कैलेंडर के आधार पर की गई दुन‌िया खत्‍म होने की भव‌िष्यवाणी गलत साब‌ित हो चुकी थी।

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हैरॉल्ड कैंपिंग
दु‌न‌िया खत्म होने को लेकर यह पहली भव‌िष्यवाणी नहीं थी इससे पहले 2011 में भी कुछ इसी तरह की भव‌िष्यवाणी सामने आयी थी। अमेर‌िका के एक ईसाई धर्मोपदेशक हैरॉल्ड कैंप‌िंग ने कहा था 21 मई 2011 को दुन‌िया खत्म हो जाएगी। इन्होंने कहा था क‌ि 21 मई की शाम करीब 6 बजे धरती आग के गोले में बदल जाएगी। लेक‌िन बाद में यह अपनी बात से पलट गए और कहा क‌ि गणना में थोड़ी गलती हो गई थी सो दुन‌िया 21 मई को नहीं बल्क‌ि 21 अक्तूबर 2011 को खत्म होगी। कैंप‌िंग की दूसरी भव‌िष्यवाणी भी गलत साब‌ित हुई।
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प्रलय के समय ही अवधारणा
इससे पहले भी कई भव‌िष्यवक्ताओं ने दुन‌िया खत्म होने भव‌िष्यवाणी की थी ज‌िसमें एक नाम राबर्ट रेट का भी आता है। इन्होंने बताया था क‌ि 6 फरवरी 1925  को दु‌न‌िया समाप्त हो जाएगी। अपनी भव‌िष्यवाणी को लेकर यह इतने व‌िश्वास में थे क‌ि डर से इन्होंने अपनी सारी संपत्त‌ि बेच दी। लेक‌िन दुन‌िया को तो अभी और ऐसी भव‌िष्यवाण‌ियां देखनी और सुननी थी सो कुछ भी नहीं हुआ और कुछ सामान्य रहा।
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नैन्सी लेडर
साल 2003 में भी एक पृथ्वी पर बड़े खतरे की आशंका जताई गई थी। एल‌ियन पर शोध करने वाली नैन्सी लेडर ने कहा क‌ि कोई उल्का प‌िंड हमारी धरती से टकरा सकती है या ब‌िल्कुल पास से न‌िकलेगी ज‌िससे धरती पर तबाही आ सकती है, लेक‌िन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
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नस्‍त्रेदमस
फ्रांसीसी ज्योत‌िषी नास्‍त्रेदमस की भव‌िष्यवाण‌ी थी क‌ि आकाश से एक आग को गोला ह‌‌िंदमहासागर में ग‌िरेगा और महासागर का पानी धरती पर फैल जाएगा ज‌िससे व‌िश्व के कई बड़े देश जल में समा जाएंगे। यह घटना कब होगी इस व‌िषय पर नास्‍त्रेदमस के कथन को लोग अलग-अलग तरह से बताते हैं। 1999 में नास्‍त्रेदमस की इस भव‌िष्यवाणी को लेकर लोग काफी डरे थे। जब 1999 में कुछ नहीं हुआ तो 2012 में इस घटना के होने की अशांका जताई गई जो अब गलत साब‌ित हो चुकी है। अब बताया जा रहा है क‌ि 2023 में यह घटना होगी।
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