फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Guru Vakri 2021: 20 जून से गुरु कुंभ राशि में चलेंगे उल्टी चाल, जानें 12 राशियों पर कैसा होगा प्रभाव

Tue, 15 Jun 2021 12:28 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
20 जून से गुरु के कुंभ राशि में टेढ़ी चाल से कई राशियों को इसके फायदे मिलने के संकेत
सभी ग्रहों में सबसे ज्यादा शुभ फल देने वाले देवगुरु बृहस्पति 20 जून से कुंभ राशि में वक्री गति यानी उल्टी चाल से चलना आरंभ कर देंगे। करीब 120 दिन तक वक्री चाल से चलने के बाद फिर से 18 अक्तूबर 2021 को मार्गी चाल से चलने लगेंगे। गुरु 20 जून, सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे कुंभ राशि में वक्री होंगे। गुरु 14 सितंबर को मकर राशि में फिर से मार्गी होंगे । फिर इसके बाद 21 नवंबर 2021 को गुरु दोबारा कुंभ राशि में आ जाएंगे। 20 जून से गुरु के कुंभ राशि में टेढ़ी चाल से कई राशियों को इसके फायदे मिलने के संकेत हैं।

ज्योतिष में गुरु ग्रह और इनका प्रभाव
वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति को एक शुभ ग्रह माना गया है। बृहस्पति ग्रह एक वर्ष में अपनी राशि बदलते हैं, इस प्रकार से सभी 12 राशियों के चक्र को पूरा करने में ये 12 वर्ष का समय लेते हैं। शनि के बाद गुरु ग्रह दूसरे ऐसे ग्रह हैं जो इतने लंबे समय तक किसी एक राशि में रहते हैं। आमतौर पर जब गुरु ग्रह वक्री अवस्था में रहते है तो ये शुभ फल ही देते हैं। शुभ वक्री गुरु के प्रभाव से जातकों को धन लाभ और कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होने लगती हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
कर्क राशि में बृहस्पति उच्च के होते हैं तो मकर राशि में इन्हें नीच का माना जाता है। इसके अलावा बृहस्पति ग्रह को धनु और मीन राशि का स्वामी माना जाता है। जहाँ एक तरफ सूर्य, चंद्रमा और मंगल के साथ इनकी मित्रता है तो वहीँ शुक्र और बुध के साथ इनके शत्रुता वाले संबंध हैं। इसके अलावा राहु-केतु और शनि के साथ इनका तटस्थ संबंध है। 
विज्ञापन

3 of 5
बृहस्पति और शनि
वैदिक ज्योतिषशास्त्र में बृहस्पति कर्क राशि में उच्च के और मकर राशि में नीच के माने जाते है। धनु और मीन राशि के स्वामी ग्रह देवगुरु बृहस्पति हैं। सूर्य, चंद्रमा और मंगल ग्रह के साथ इनकी मित्रता है जबकि शुक्र और बुध के साथ शत्रुता का भाव रखते हैं। राहु-केतु और शनि के साथ ये तटस्थ संबंध रखते हैं।

4 of 5
astrology
12 राशियों पर प्रभाव
गुरु ग्रह धर्म, अध्यात्म, वैवाहिक जीवन और ज्ञान के कारक ग्रह हैं। देव गुरु बृहस्पति के कुंभ राशि में उल्टी चाल से मेष, वृषभ, सिंह, कुंभ और धनु राशि के जातकों को अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। इन राशियों के जातकों को धन लाभ और नौकरी में तरक्की मिलने की प्रबल संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की भूमिका
कर्क, कन्या, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। विवाह में देरी और वैवाहिक जीवन जीने वाले लोगों को अपने जीवनसाथी से कुछ मनमुटाव हो सकता है। काम में देरी और सेहत की चिंता इन्हें सताने लगेगी। इसके अलावा मिथुन, तुला और मकर राशि वालों के लिए गुरु का वक्री होना मिलाजुला परिणाम लेकर आएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें