Guru Vakri 2025 In Kark Rashi: नवग्रहों में देवगुरु बृहस्पति को विशेष दर्जा प्राप्त है और वह धनु और मीन राशि के स्वामी ग्रह हैं। वर्तमान में गुरु कर्क में विराजमान है, जो चंद्रमा की राशि हैं। ज्योतिष में गुरु-चंद्रमा में मित्रता का भाव माना गया है। साथ ही दोनों ग्रहों की युति गजकेसरी जैसे कल्याणकारी योग का निर्माण करती है, जिसे सुख-सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में गुरु कर्क में गोचर करते हुए कई राशियों पर अपनी कृपा बरसा रहें है। लेकिन जल्द देवगुरु बृहस्पति इस राशि में वक्री होने जा रहे हैं। वह 11 नवंबर को कर्क में वक्री होंगे और 5 दिसंबर 2025 तक भी इसी अवस्था में बने रहेंगे। गुरु की इस गति का विशेष प्रभाव इन 3 राशियों पर दिखाई दे सकता है। आइए इनके बारे में जानते हैं।
Tulsi Vivah 2025: तुलसी विवाह पर शुक्र का गोचर, इन राशि वालों के सुख और वैभव में होगी अपार वृद्धि