Jupiter Retrograde: ज्योतिषशास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सबसे शुभ ग्रह माना गया है। गुरु करीब एक वर्ष में राशि बदलते हैं इस तरह से गुरु राशिचक्र का एक पूरा चक्कर लगाने में 12 वर्षों का समय लेते हैं। गुरु धनु और मीन राशि के स्वामी ग्रह होते हैं। आपको बता दें गुरु इस समय शुक्र की राशि में हैं और 09 अक्तूबर को मिथुन राशि में वक्री हो जाएंगे। गुरु के वक्री होने पर कुछ राशि के जातकों को इसका अच्छा लाभ देखने को मिल सकता है। गुरु के वक्री होने पर कुछ राशि के जातकों को नौकरी में अच्छे मौके और व्यापार में अच्छा मुनाफा मिल सकता है। आइए जानते हैं गुरु के वक्री होने पर किन राशि वालों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।