Guru Gochar 2023: 22 अप्रैल, 2023 को अक्षय तृतीया के दिन दशक की सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाओं में से एक उस समय घटेगी, जब बृहस्पति मीन राशि को छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। बृहस्पति प्रत्येक वर्ष राशि परिवर्तन करते हैं और मेष से मीन राशि तक 12 वर्षों में अपना चक्र पूरा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन आप जो भी नया कार्य आरंभ करेंगे, वह नष्ट नहीं होगा, दीर्घकाल तक बना रहेगा। 22 अप्रैल, 2023 से एक नए चक्र में प्रवेश करके बृहस्पति अपना आशीर्वाद देंगे।
हर चार साल में बृहस्पति एक ऐसे बिंदु पर आते हैं जब वह गंडांत से होकर गुजरते हैं। गंडांत वह स्थान है जहां जल और अग्नि राशियों का मिलन होता है। इस वर्ष यह, मीन जल राशि और मेष अग्नि राशि में से गुजरेंगे। जब भी बृहस्पति इस बिंदु से होकर गुजरते हैं तो व्यक्ति अपने जीवन के किसी न किसी क्षेत्र में विशेष रूप से पहले दो या तीन महीनों में निराश, असंतुष्ट महसूस करता है और अक्सर गलत निर्णय ले लेता है और कुछ ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध हो सकता है जो उसकी उन्नति में सहायक नहीं है। लेकिन गंडान्त में भ्रमण करते हुए बृहस्पति जो भी घाव देता है, बृहस्पति के मेष राशि में आते ही वह ठीक होने लगता है। यह अश्विनी नक्षत्र से शुरू होता है और इस नक्षत्र में यह शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर बहुत आरोग्य प्रदान करता है, इसलिए यदि आप विशेष रूप से पिछले कुछ महीनों से बहुत कठिन समय से गुजर रहे हैं, तो यह अब एक अच्छा समय है और आप उपचार पाएंगे। आपकी स्मृति पर अंकित ये सभी कठिनाइयां और नकारात्मक अनुभव अब आपको छोड़ देंगे। आइए जानते हैं कि यह गोचर प्रत्येक राशि के लिए क्या बदलाव लेकर आएगा। यह विश्लेषण आपकी चंद्र राशि या आपके लग्न पर आधारित है, आपको जो भी समुचित प्रतीत होता हो।