ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को शुभ ग्रह की श्रेणी में रखा जाता है। देवगुरु बृहस्पति भाग्य, विवाह, संतान, ज्ञान, धन, शिक्षा और विस्तार आदि के कारक ग्रह माना जाता है। गुरु एक राशि में करीब 13 महीनों तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। वर्तमान में गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में मौजूद हैं और अब करीब 12 वर्षों बाद सिंह राशि में गोचर करने वाले हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 31 अक्तूबर 2026 को गुरु कर्क राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए सिंह राशि में गोचर करेंगे। गुरु सिंह राशि में 25 जनवरी 2027 तक रहेंगे, फिर इसके बाद दोबारा से कर्क राशि में वक्री हो जाएंगे। गुरु के सिंह राशि में गोचर करने से कई राशियों के आर्थिक और करियर के मामले में नए-नए तरह के अवसर मिलेंगे।