आज की विमान दुघर्टना या पहलगाम आतंकवादी हमले में ऐसी स्थिति थी कि मृत्यु को प्राप्त हुए सभी लोगों की कुंडली में मार्केश था
- फोटो : adobe stock
संभवतः जीव कारक ग्रह बृहस्पति यदि अस्त न होते तो यह घटनाक्रम न होता। इस वर्ष मेरा शुरू से कहना रहा कि बृहस्पति की अतिचारी गति बहुत नुकसानदायक साबित होगी। यह सामान्य बात नहीं है कि बृहस्पति जैसा नैसर्गिक शुभ ग्रह की गति अस्थिर हो जाये और निर्दोष आम जनमानस सुरक्षित रह सके। आगे आने वाले समय में अभी शनि वक्री होंगे,और यह समय होगा 13 जुलाई से 28 नवंबर तक का , यद्यपि देवगुरु बृहस्पति 9 को जुलाई में उदित अवस्था में आ जायेंगे किन्तु उनकी गति अतिचारी ही रहेगी, वक्री शनि पुनः कुंभ राशि को प्रभावित करेंगे, जहां पहले से राहु स्थित हैं और ठीक सामने मंगल और केतु की युति, मंगल 28 जुलाई तक सिंह राशि में गोचर करेंगे इसलिए 12 जुलाई से 28 जुलाई के मध्य कोई प्राकृतिक आपदा, देशों के बीच युद्ध,वायुयान दुर्घटना, किसी राजनेता के जीवन को खतरा, भूकंप, बाढ़ और जल प्रलय की घटनाएं हो सकती हैं।
किंतु अभी 28 नवंबर तक देश दुनियां में कुछ असामान्य घटनाएं जिनका जिक्र ऊपर किया गया है घटती रहेंगी। अतिचारी बृहस्पति और वक्री शनि धर्म के नाम पर आडम्बर कर रहे लोगों को सबक अवश्य सिखायेंगे। यह निश्चित है। भारत को पड़ोसी देशों से सावधान रहना होगा क्योंकि वो कभी भी साजिश कर सकते हैं और पहलगाम हमले की पुनरावृत्ति करने की कोशिश भी हो सकती है। किंतु भारत की कुंडली की मजबूत स्थिति उनको मुंह तोड जवाब भी देगी।
अंत में एक और विषय जिस पर आम जनमानस बहुत प्रश्न करता है कि क्या आज की विमान दुघर्टना या पहलगाम आतंकवादी हमले में ऐसी स्थिति थी कि मृत्यु को प्राप्त हुए सभी लोगों की कुंडली में मार्केश था,तो इसका उत्तर यह है कि नहीं ऐसा नहीं था कि सभी पत्रिकाओं में मार्केश था किंतु जिस समय,क्षण यह घटनाएं हुई उस समय उस स्थान की ग्रह स्थिति ऐसी थी, जिसमें जो आया उस ग्रहों के चक्र में उसको जाना पड़ा, उसमें भी ईश्वर कृपा सर्वश्रेष्ठ है जैसे आज की विमान दुघर्टना में रमेश कुमार विश्वास के साथ हुआ जो किसी आश्चर्य से कम नहीं था, किंतु इसके मूल में सिर्फ ईश्वर कृपा ही थी।
Budh Gochar 2025: बुध का कर्क राशि में गोचर, इन 4 राशियों के लिए हो सकता है अशुभ